अकाउंटेंट ने एनआरआई के खाते से उड़ाए 5.20 करोड़ रुपए
जोधपुर। जोधपुर में एक NRI से 5.20 करोड़ की ठगी का पूरा पैसा पुलिस 3 साल बाद भी रिकवर नहीं कर पाई है। इस ठगी को अकाउंटेंट ने अंजाम दिया था। आरोपी पुलिस की गिरफ्त में है, लेकिन फिर भी 3 साल में महज 1.45 करोड़ की रिकवरी ही हो पाई है। जयपुर फुट के सलाहकार केके मेहता ने ये पैसे गरीबों की मदद के लिए इकट्ठे किए थे। आरोप है कि पुलिस जांच बहुत धीमे चल रही है। इसी का फायदा उठाकर आरोपी सारे सबूत नष्ट कर कर रहा है।
क्या है मामला?
न्यूयॉर्क निवासी एनआरआई कृष्ण कुमार मेहता ने 14 अगस्त 2023 को जोधपुर के साइबर थाने में FIR दर्ज कराई। शिकायत में उन्होंने बताया कि उनके बैंक खातों से ₹5.20 करोड़ सुनियोजित तरीके से निकालकर अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दिए गए। मेहता के मुताबिक, उन्होंने 6-7 साल पहले अपने IDBI और HDFC बैंक खातों के संचालन के लेनदेन का हिसाब रखने के लिए एक अकाउंटेंट रखा था। इसी भरोसे का फायदा उठाकर अकाउंटेंट ने धीरे-धीरे खातों की पूरी पहुंच हासिल कर ली और OTP अपने मोबाइल नंबर पर मंगवाने लगा। जुलाई 2023 में जब मेहता ने स्टेटमेंट मांगे तो आरोपी टालता रहा। इस बीच मेहता ने 10 अगस्त 2023 को अपने अकाउंट चेक किए। सामने आया कि खातों से 5.20 करोड़ निकाले गए थे।
कौन है मास्टर माइंड?
मुख्य आरोपी गुलाब बंजारा, जोधपुर के चौपासनी हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र का निवासी है। पीड़ित के यहां पार्ट-टाइम अकाउंटेंट के रूप में काम करता था। उसे करीब 14,500 प्रतिमाह वेतन मिलता था, लेकिन उसके पास बैंक खातों की पूरी पहुंच और OTP कंट्रोल था। वहीं, राजस्थान एसोसिएशन ऑफ अमेरिका के चेयरमैन प्रेम भंडारी का आरोप है कि गुलाब बंजारा ने घपला करते हुए अकाउंट से पैसे निकाले और उनका अपने हिसाब से निवेश किया। इसी दौरान उसने गलत जगह निवेश कर दिया और वह खुद साइबर ठगी का शिकार हो गया। पूरा पैसा साइबर ठगों के पास चला गया क्योंकि गुलाब के पास खातों का पूरा एक्सेस था। वह खुद ही केके मेहता और संबंधित लोगों को बिना बताए अपने हिसाब से निवेश कर रहा था। इसीलिए मुख्य आरोपी उसको बनाया है। इस मामले में पुलिस ने जांच के बाद एक आरोप को बिहार से पकड़ा था।