गौतमचंद ‘बॉबी’ बने सभापति, जैन समाज से 7वें सभापति बने
बाड़मेर। नगर परिषद बाड़मेर में भाजपा ने लंबे अंतराल के बाद फिर से सत्ता की कमान संभाल ली है। सभापति पद के लिए हुए चुनाव में भाजपा के गौतमचंद जैन ‘बॉबी’ ने कांग्रेस प्रत्याशी जयमलसिंह को 15 वोट के अंतर से शिकस्त दी। बॉबी को कुल 35 वोट मिले, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में 20 पार्षदों ने मतदान किया।
इस जीत के साथ भाजपा ने करीब 17 साल बाद बाड़मेर शहर की सरकार में वापसी की है। वहीं नगर निकाय के 73 साल के इतिहास में बॉबी जैन समाज से सभापति बनने वाले सातवें व्यक्ति हैं। वर्ष 2004 में बलराम प्रजापत के बाद अब भाजपा ने एक बार फिर नगर परिषद में अपना बोर्ड बनाने में सफलता हासिल की है।
पांच निर्दलीयों का मिला साथ
भाजपा के पास पहले से ही 29 पार्षदों के साथ बोर्ड बनाने के लिए बहुमत था। सभापति चुनाव से पहले पार्टी ने पांच निर्दलीय पार्षदों को अपने साथ जोड़ लिया था। इसके बावजूद चुनाव में क्रॉस वोटिंग की आशंका बनी हुई थी।
मतदान के दौरान भाजपा ने कांग्रेस खेमे में सेंध लगाते हुए एक पार्षद का समर्थन अपने प्रत्याशी के पक्ष में हासिल किया। कांग्रेस के 21 पार्षदों में से एक वोट बॉबी के पक्ष में जाने के बाद भाजपा प्रत्याशी के कुल वोटों की संख्या 35 पहुंच गई। कड़ी सुरक्षा और पार्षदों की बाड़ेबंदी के बीच हुए चुनाव में भाजपा की रणनीति कामयाब रही।
चुनाव के दौरान राज्यमंत्री केके विश्नोई, बाड़मेर विधायक डॉ. प्रियंका चौधरी, चौहटन विधायक आदूराम मेघवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष अनंतराम विश्नोई समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। कांग्रेस की ओर से जिलाध्यक्ष लक्ष्मणसिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष फतेह खां और राजेंद्र चौधरी सहित अन्य नेता भी चुनाव प्रक्रिया पर नजर बनाए हुए थे।
बॉबी के सामने चार बड़ी चुनौतियां
सभापति का पद संभालने के साथ ही गौतमचंद बॉबी के सामने शहर से जुड़े कई पुराने मुद्दों को सुलझाने की चुनौती होगी।
1. गायब फाइलों और भ्रष्टाचार की जांच:
नगर परिषद में पट्टों, टेंडरों और भूमि नियमन से जुड़ी महत्वपूर्ण फाइलों के गायब होने के मामलों की जांच कराना बड़ी चुनौती होगी। इसके साथ ही भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी पर कार्रवाई का दबाव भी रहेगा।
2. वर्षों से अटके पट्टे:
कृषि भूमि पर बसी कॉलोनियों के नियमन और लंबे समय से लंबित पट्टा प्रकरणों का निस्तारण भी नए बोर्ड की प्राथमिकताओं में शामिल हो सकता है।
3. अतिक्रमण और सफाई व्यवस्था:
शहर के मुख्य बाजारों में अतिक्रमण के कारण यातायात प्रभावित होने के साथ सफाई व्यवस्था भी चुनौती बनी हुई है। कचरा निस्तारण को बेहतर करना और बाजारों को व्यवस्थित करना अहम काम होगा।
4. सड़क और सीवरेज की समस्या:
बारिश के बाद खराब हुई सड़कों की मरम्मत तथा सीवरेज ओवरफ्लो की समस्या का स्थायी समाधान नए सभापति के सामने बड़ी चुनौती रहेगी।
55 पार्षदों ने किया मतदान
सभापति चुनाव में कुल 55 पार्षदों ने मतदान किया। इनमें गौतमचंद जैन ‘बॉबी’ को 35 और कांग्रेस के जयमलसिंह को 20 वोट मिले। इस तरह भाजपा प्रत्याशी ने 15 वोट के अंतर से जीत दर्ज की।
अब नगर परिषद में उपसभापति का चुनाव मंगलवार को होगा। इसके लिए सुबह 11 बजे नामांकन दाखिल किए जाएंगे, जबकि दोपहर 2:30 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान कराया जाएगा। उपसभापति चुनाव को लेकर भी दोनों दलों की नजर पार्षदों के समर्थन और संभावित क्रॉस वोटिंग पर रहेगी।
विकास को लेकर बॉबी ने बताया विजन
नवनिर्वाचित सभापति गौतमचंद बॉबी ने कहा कि शहर के विकास में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। उनके अनुसार अधूरे विकास कार्यों को पूरा कराने के साथ सड़क, पानी, बिजली, नाली, सीवरेज और साफ-सफाई जैसी मूलभूत सुविधाओं को बेहतर किया जाएगा।
उन्होंने पूर्व में हुए कथित भ्रष्टाचार की जांच कराने और शहर के विकास के लिए रोडमैप तैयार करने की बात भी कही। अब शहर की जनता की नजर इस बात पर रहेगी कि नए बोर्ड की प्राथमिकताएं जमीन पर कितनी तेजी से दिखाई देती हैं।