एनआरआई जमा में तेज उछाल, 4 महीने में 36.24 अरब डॉलर
मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के आंकड़ों में वित्त वर्ष 2026-27 के शुरुआती चार महीनों में एनआरआई जमा को लेकर बड़ी तेजी सामने आई है। अप्रैल से जुलाई के बीच गैर-निवासी भारतीयों की जमा योजनाओं में शुद्ध प्रवाह सालाना आधार पर 678.2 प्रतिशत बढ़कर 36.24 अरब डॉलर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह आंकड़ा 4.66 अरब डॉलर था।
इस तेज बढ़ोतरी में सबसे बड़ा योगदान फॉरेन करेंसी नॉन-रेजिडेंट (बैंक) यानी एफसीएनआर (बी) जमा का रहा। आरबीआई की ओर से जून में विदेशी मुद्रा प्रवाह को आकर्षित करने के लिए शुरू की गई रियायती स्वैप सुविधा के बाद इस श्रेणी में जमा तेजी से बढ़ी।
अप्रैल-जुलाई 2026 के दौरान एफसीएनआर (बी) जमा में प्रवाह बढ़कर 34.53 अरब डॉलर हो गया, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह केवल 77.2 करोड़ डॉलर था। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक इस बढ़ोतरी के साथ जुलाई 2026 के अंत तक एफसीएनआर (बी) खातों में बकाया जमा 68.28 अरब डॉलर पहुंच गई।
एफसीएनआर (बी) खातों में एनआरआई एक से पांच साल की अवधि के लिए स्वतंत्र रूप से परिवर्तनीय विदेशी मुद्राओं में फिक्स्ड डिपॉजिट रख सकते हैं। इस व्यवस्था की खासियत यह है कि जमा अवधि के दौरान विदेशी मुद्रा में होने वाले विनिमय दर के उतार-चढ़ाव से जमाकर्ता को सुरक्षा मिलती है।
आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार, जुलाई 2026 तक सभी एनआरआई जमा योजनाओं की बकाया राशि 200.89 अरब डॉलर हो गई। जुलाई 2025 में यह 167.86 अरब डॉलर और जून 2026 में 168.51 अरब डॉलर थी। यानी एक साल के भीतर बकाया राशि में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज हुई।
एनआरआई जमा में मुख्य रूप से एफसीएनआर (बी), नॉन-रेजिडेंट एक्सटर्नल यानी एनआरई और नॉन-रेजिडेंट ऑर्डिनरी यानी एनआरओ खाते शामिल होते हैं। जहां एफसीएनआर (बी) में जबरदस्त उछाल आया, वहीं एनआरई जमा की स्थिति इसके उलट रही।
अप्रैल-जुलाई 2026 में एनआरई जमा में महज 20.7 करोड़ डॉलर का शुद्ध प्रवाह दर्ज किया गया। पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह 2.42 अरब डॉलर था। जुलाई 2026 में एनआरई खातों में बकाया जमा 98.02 अरब डॉलर रही, जबकि जुलाई 2025 में यह 102.03 अरब डॉलर थी।
दूसरी ओर, एनआरओ जमा में मामूली लेकिन लगातार वृद्धि देखने को मिली। वित्त वर्ष 2026-27 के पहले चार महीनों में एनआरओ खातों में 1.51 अरब डॉलर का प्रवाह हुआ, जबकि पिछले साल की समान अवधि में यह 1.47 अरब डॉलर था। जुलाई 2026 में एनआरओ जमा की बकाया राशि 34.59 अरब डॉलर रही।
आरबीआई के अनुसार, एनआरई खाते भारतीय रुपये में संचालित होते हैं और एनआरआई इनका इस्तेमाल भारत में अर्जित आय समेत अन्य वैध लेनदेन के प्रबंधन के लिए करते हैं।