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नोएडा से Galaxy Watch की हेल्थ टेक्नोलॉजी में बदलाव

नोएडा से Galaxy Watch की हेल्थ टेक्नोलॉजी में बदलाव

गुरुग्राम। स्मार्टवॉच अब केवल समय देखने या फिटनेस ट्रैक करने तक सीमित नहीं रह गई है। Samsung Research Institute-Noida (SRI-N) भारत में Galaxy Watch से जुड़े हेल्थ और वेलनेस फीचर्स को स्थानीय जरूरतों के मुताबिक बेहतर बनाने पर काम कर रहा है। कंपनी के अनुसार, नोएडा स्थित टीम भारतीय मौसम, सड़कों, लोगों की आदतों और अलग-अलग जीवनशैली को ध्यान में रखकर सॉफ्टवेयर और हेल्थ फीचर्स की टेस्टिंग करती है।

सैमसंग रिसर्च इंस्टीट्यूट-नोएडा के मैनेजिंग डायरेक्टर क्यूंगयुन रू के मुताबिक, डिजिटल हेल्थ और वॉच से जुड़े फीचर्स सेंटर के प्रमुख फोकस क्षेत्रों में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि पिछले तीन-चार वर्षों में टीम ने भारत के लिए कई सेवाओं पर काम किया है।

भारतीय परिस्थितियों में फीचर्स की टेस्टिंग

नोएडा सेंटर Galaxy Watch9 और Galaxy Watch Ultra2 से जुड़े कई फीचर्स के विकास और परीक्षण में योगदान दे रहा है। इनमें Vital Tracker, Daily Cardio Load, Hearing Health और Trail Running जैसे फीचर्स शामिल हैं।

कंपनी के अनुसार, Vital Tracker नींद के दौरान हार्ट रेट, हार्ट रेट वेरिएबिलिटी, त्वचा का तापमान, सांस लेने की गति और ब्लड ऑक्सीजन स्तर जैसे संकेतों को ट्रैक करता है। वहीं Daily Cardio Load एक्टिविटी और आराम से जुड़े डेटा को मिलाकर वर्कआउट की तीव्रता को समझने में मदद करता है।

Trail Running फीचर पहाड़ी और ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर दौड़ने के दौरान दिशा और चढ़ाई से जुड़ी जानकारी देने के लिए तैयार किया गया है। हाइड्रेशन अलर्ट पसीने से जुड़े डेटा के आधार पर पानी पीने की याद दिलाने में मदद करता है।

ऑटो-रिक्शा से मिली एल्गोरिदम सुधार की सीख

भारत में सॉफ्टवेयर की टेस्टिंग के दौरान स्थानीय परिस्थितियों से जुड़ी ऐसी समस्याएं भी सामने आती हैं, जो दूसरे बाजारों में आसानी से नहीं दिखतीं। सैमसंग के मुताबिक, ऑटो-साइकिल डिटेक्शन इसका एक उदाहरण है।

टेस्टिंग के दौरान भारतीय सड़कों पर ऑटो-रिक्शा के झटकों और खराब सड़क की वजह से स्मार्टवॉच ने कुछ स्थितियों को साइकिल चलाने के रूप में पहचान लिया। नोएडा की इंजीनियरिंग टीम ने इस समस्या का विश्लेषण कर एल्गोरिदम में बदलाव किए।

SRI-N के सर्विस डेवलपमेंट के वाइस प्रेसिडेंट डॉ. अमिताभ थपलियाल के अनुसार, सॉफ्टवेयर तैयार करते समय अलग-अलग उम्र के लोगों और अलग-अलग क्षेत्रों की आदतों को ध्यान में रखा जाता है। कंपनी का कहना है कि भारत में किए गए कुछ सेंसर और सॉफ्टवेयर सुधारों का इस्तेमाल वैश्विक स्तर पर उपलब्ध उत्पादों में भी किया गया है।

Samsung Health को भारत के डिजिटल हेल्थ सिस्टम से जोड़ने की कोशिश

नोएडा सेंटर का काम केवल स्मार्टवॉच के फीचर्स तक सीमित नहीं है। सैमसंग के अनुसार, टीम Samsung Health ऐप को भारत के डिजिटल हेल्थ इकोसिस्टम से जोड़ने वाली सेवाओं पर भी काम कर रही है।

इसके तहत Eka Care के साथ आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) के अनुरूप डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड से जुड़ी सुविधा विकसित की गई है। वहीं Tata 1mg के साथ मेडिकेशन ट्रैकिंग और Tata 1mg तथा PharmEasy के साथ Find Care सेवा पर काम किया गया है। कंपनी के अनुसार, Find Care के जरिए डॉक्टर से सलाह, दवा ऑर्डर करने और लैब टेस्ट बुक करने जैसी सुविधाओं को Samsung Health के भीतर जोड़ा गया है।

यूजर की मंजूरी से डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड साझा करने की सुविधा

ABDM से जुड़ी व्यवस्था का उद्देश्य यूजर को अपने डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड पर नियंत्रण देना है। कंपनी के मुताबिक, यूजर की अनुमति के बाद रिकॉर्ड को ABDM से जुड़े डॉक्टरों और अस्पतालों के साथ साझा किया जा सकता है।

Samsung Health में डिजिटल प्रिस्क्रिप्शन से दवाओं की जानकारी निकालकर उसे मेडिकेशन ट्रैकर में जोड़ने की सुविधा भी विकसित की गई है। कंपनी के अनुसार, यह जानकारी यूजर के हेल्थ रिकॉर्ड और ABDM से जुड़े होने पर उसके आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट यानी ABHA से भी जुड़ सकती है। दवाओं के समय से जुड़े अलर्ट Galaxy Watch पर भी उपलब्ध कराए जा सकते हैं।

भारत की रिसर्च से ग्लोबल प्रोडक्ट्स को भी फायदा

सैमसंग का कहना है कि भारत में रिसर्च का उद्देश्य केवल भारतीय बाजार के लिए समाधान तैयार करना नहीं है। स्थानीय परिस्थितियों में की गई टेस्टिंग से मिले अनुभवों का इस्तेमाल वैश्विक उत्पादों के सॉफ्टवेयर और सेंसर तकनीक को बेहतर बनाने में भी किया जा रहा है।

कंपनी के अनुसार, SRI-N की स्थापना 2007 में हुई थी और यह सैमसंग की वैश्विक रिसर्च टीमों के साथ मिलकर मोबाइल डिवाइस, स्मार्टवॉच, टैबलेट और सॉफ्टवेयर से जुड़े विकास कार्य करता है। क्यूंगयुन रू ने कहा कि कंपनी भारत में उपलब्ध तकनीकी प्रतिभा का इस्तेमाल हेल्थ और एआई से जुड़े रिसर्च क्षेत्रों में बढ़ाना चाहती है।

सैमसंग के मुताबिक, भारत में उसकी रिसर्च की भूमिका तीन स्तरों पर काम कर रही है—वैश्विक Galaxy उत्पादों के लिए तकनीक विकसित करना, भारतीय परिस्थितियों में फीचर्स की टेस्टिंग कर एल्गोरिदम को बेहतर बनाना और देश की डिजिटल हेल्थ व्यवस्था के अनुरूप स्थानीय सेवाएं तैयार करना।

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