रामलीला मैदान की रैली से पहले राहुल गांधी का बड़ा आरोप
नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित महारैली से पहले लोगों को रोकने की कोशिशों का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि दूसरे राज्यों से रैली में शामिल होने के इच्छुक लोगों और कांग्रेस समर्थकों को आने से रोका जा रहा है। राहुल ने कहा कि रामलीला मैदान में जुटने वाली भीड़ और उसे रोकने के प्रयासों से देश की मौजूदा स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकेगा।
राहुल गांधी के मुताबिक, इस रैली में विपक्षी दलों के अलावा राजनीतिक और गैर-राजनीतिक संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, नागरिक समाज के प्रतिनिधियों और पत्रकारों को भी आमंत्रित किया गया है। उन्होंने लोकतंत्र की रक्षा के लिए सभी वर्गों से एकजुट होने की अपील की।
उन्होंने आरोप लगाया कि लाखों लोगों को उनके मताधिकार से वंचित किया जा रहा है, जिससे लोगों में गुस्सा और भावनात्मक पीड़ा है। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, अडानी, अंबानी और मोहन भागवत का नाम लेते हुए दावा किया कि इनके फायदे के लिए लोगों के वोट छीने जा रहे हैं।
‘यह अलग-अलग प्रदर्शन नहीं, एक ही आंदोलन है’
राहुल गांधी ने कहा कि देश में हो रहे विरोध प्रदर्शनों को अलग-अलग घटनाओं के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। उनके अनुसार, यह एक साझा आंदोलन है, जिसमें पूरा विपक्ष एक साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति इस मुद्दे पर विरोध दर्ज कराना चाहता है, उसका स्वागत है।
उन्होंने मतदान के अधिकार को हर भारतीय की आवाज और उसकी इच्छा व्यक्त करने का माध्यम बताया। राहुल के अनुसार, विपक्षी दल संविधान और देश की मूल भावना के साथ नागरिकों के वोट देने के अधिकार को सुरक्षित रखने के लिए एकजुट हुए हैं।
बारिश के कारण एक दिन आगे बढ़ा कार्यक्रम
इससे पहले दिल्ली में बारिश और खराब मौसम को देखते हुए विपक्षी गठबंधन इंडिया के ‘महाभियोग कार्यक्रम’ को एक दिन के लिए टाल दिया गया था। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर शुक्रवार को हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने इसकी जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि सभी नेताओं की सहमति से कार्यक्रम शनिवार को उसी समय आयोजित करने का फैसला किया गया है। राहुल ने कहा कि बारिश के चलते वरिष्ठ नागरिकों को बैठने में परेशानी हो सकती थी, इसलिए तारीख बदलने का निर्णय लिया गया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कार्यक्रम का स्वरूप पहले जैसा ही रहेगा।