चक्रवात अर्नब का असर बरकरार, 36 ट्रेनें रद्द
नई दिल्ली। चक्रवात 'अर्नब' का असर कमजोर होने के बाद भी पूर्वी भारत के कई हिस्सों में मौसम की मुश्किलें बनी हुई हैं। ओडिशा के गंजाम जिले में लगातार बारिश के कारण बहुदा नदी उफान पर है। नदी का जलस्तर रेलवे पुलों के पास खतरे के निशान से ऊपर पहुंचने के बाद हावड़ा-चेन्नई रेल मार्ग पर ट्रेन परिचालन प्रभावित हो गया। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए रेलवे ने बड़े स्तर पर ट्रेनों के संचालन में बदलाव किए हैं।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, एहतियातन कुल 36 ट्रेनें रद्द की गई हैं, जबकि 30 ट्रेनों के मार्ग बदल दिए गए हैं। इसके अलावा आठ अन्य ट्रेनों को रास्ते में रोकना पड़ा या उनके समय में बदलाव किया गया। पूर्व तट रेलवे ने 24 ट्रेनें रद्द कीं और 22 के रूट बदले, जबकि दक्षिण तट रेलवे ने 12 ट्रेनें रद्द कर आठ ट्रेनों का मार्ग परिवर्तित किया।
रद्द होने वाली प्रमुख ट्रेनों में भुवनेश्वर-विशाखापत्तनम वंदे भारत एक्सप्रेस, भुवनेश्वर-विशाखापत्तनम इंटरसिटी एक्सप्रेस और विशाखा एक्सप्रेस शामिल हैं। इसके अलावा शालीमार-मंगलुरु विवेक एक्सप्रेस, शालीमार-वास्को डि गामा एक्सप्रेस और हावड़ा-एसएमवीटी बेंगलुरु एक्सप्रेस भी रद्द की गई हैं।
वहीं, 30 अक्टूबर को चेन्नई सेंट्रल से सुबह 7 बजे रवाना होने वाली ट्रेन संख्या 12842 कोरोमंडल एक्सप्रेस अब शाम 4 बजे रवाना होगी। पेयरिंग ट्रेन के देरी से पहुंचने के कारण इसके प्रस्थान में नौ घंटे का बदलाव किया गया है।
गंजाम में 550 मिमी बारिश, नदी का जलस्तर बढ़ा
पूर्व तट रेलवे के अनुसार, चक्रवात अर्नब के प्रभाव से गंजाम जिले में करीब 550 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। भारी बारिश के कारण बहुदा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा। नदी पर बने बाघलाटी बांध में भी पानी खतरे के निशान को पार कर गया। इसका असर इच्छापुरम और जाधुपुडी के बीच स्थित रेलवे पुलों पर पड़ा, जहां जलस्तर बढ़ने से रेल संचालन को सुरक्षित रखना चुनौती बन गया।
रेलवे ने बताया कि प्रभावित स्थानों पर फंसे यात्रियों के लिए भोजन और पानी की व्यवस्था की गई है। यात्रियों की मदद, शिकायतों के समाधान और जरूरी जानकारी देने के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों को भी तैनात किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि जलस्तर कम होने और संबंधित रेलखंड को सुरक्षित घोषित किए जाने के बाद सेवाएं सामान्य की जाएंगी। फिलहाल स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
पश्चिम बंगाल में बारिश का दौर जारी
उधर, चक्रवात अर्नब दक्षिण छत्तीसगढ़ और उससे सटे दक्षिण ओडिशा के ऊपर कमजोर होकर अवदाब में बदल गया है। इसके बावजूद पश्चिम बंगाल के कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, अवदाब के बृहस्पतिवार रात तक कमजोर होकर सुस्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र में बदलने की संभावना है। इसके प्रभाव से शुक्रवार को राज्य के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है।
मौसम विभाग ने दक्षिण बंगाल के दक्षिण 24 परगना, पूर्व और पश्चिम मेदिनीपुर, झारग्राम, बांकुरा तथा पुरुलिया में शुक्रवार तक भारी बारिश का अनुमान जताया है। वहीं, शनिवार सुबह तक दार्जिलिंग, कलिमपोंग, जलपाईगुड़ी और अलीपुरद्वार जैसे उप-हिमालयी जिलों में भी तेज बारिश हो सकती है। शनिवार तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में आंधी और गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना बनी हुई है।
आईएमडी के आंकड़ों के मुताबिक, सागर द्वीप में बृहस्पतिवार सुबह 8:30 बजे तक पिछले 24 घंटों में 81.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इस दौरान मेदिनीपुर में 48 मिमी, दीघा में 46 मिमी, हल्दिया में 36 मिमी और कांथी में 35 मिमी वर्षा हुई।
इस बीच, मौसम विभाग ने दक्षिण अंडमान सागर के ऊपर एक नए निम्न दबाव क्षेत्र के बनने की भी जानकारी दी है। इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने के साथ दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में और मजबूत होने की संभावना जताई गई है।