हॉकी जर्सी विवाद पर प्रियंका का तंज, युवाओं की आवाज का किया जिक्र
नई दिल्ली। भारतीय हॉकी टीम की नई जर्सी के रंग को लेकर छिड़ी बहस अब राजनीतिक रंग भी लेने लगी है। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि देश के युवा अपनी सोच स्पष्ट कर चुके हैं और केवल प्रतीकों या बदलावों से उनकी राय नहीं बदलेगी।
संसद परिसर के बाहर पत्रकारों से बातचीत में प्रियंका गांधी ने कहा कि चाहे यूनिफॉर्म में बदलाव किया जाए या शिक्षा व्यवस्था के जरिए इतिहास को अलग ढंग से प्रस्तुत करने की कोशिश हो, देश के युवाओं ने अपना दृष्टिकोण साफ कर दिया है। उन्होंने जंतर-मंतर पर जुटे युवाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि वही देश की वास्तविक आवाज हैं।
प्रियंका गांधी ने यह भी कहा कि भारत की आजादी का आंदोलन अहिंसा, सत्य और भाईचारे के मूल्यों पर आधारित था। उनके अनुसार, देश की बुनियादी सोच और सामाजिक एकता को किसी भी राजनीतिक या वैचारिक प्रयास से बदला नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि भारत की पहचान भाईचारे और एकजुटता से जुड़ी है, जिसे कोई कमजोर नहीं कर सकता।
इस विवाद की शुरुआत भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान विरेन रस्किन्हा की प्रतिक्रिया के बाद हुई। उन्होंने पुरुष और महिला टीमों के लिए 2026 एफआईएच हॉकी वर्ल्ड कप से पहले पेश की गई नई नारंगी जर्सी पर आपत्ति जताते हुए कहा कि यह भारतीय हॉकी की वर्षों पुरानी नीली पहचान से अलग है।
हालांकि, हॉकी इंडिया ने अपने फैसले का बचाव करते हुए कहा कि नई जर्सी का केसरिया रंग साहस, त्याग और विजय का प्रतीक है। संगठन के मुताबिक इसका डिजाइन भारतीय तिरंगे, उगते सूरज और देश की सांस्कृतिक विरासत से प्रेरित है। जर्सी में मंडला शैली के पैटर्न, अशोक चक्र से प्रेरित नेवी ब्लू डिजाइन, सुदर्शन चक्र की आधुनिक झलक और देवनागरी में लिखा 'इंडिया' शामिल है। साथ ही इसमें ओडिशा के भारतीय हॉकी के प्रति लंबे सहयोग को भी सम्मान दिया गया है। हॉकी इंडिया का कहना है कि यह जर्सी 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' की भावना को दर्शाती है।