मकर द्वार पर कांग्रेस का हंगामा, अमित शाह से मांगा जवाब
नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र में गुरुवार को राजनीतिक माहौल उस समय गरमा गया, जब कांग्रेस सांसदों ने प्रियंका गांधी वाड्रा के नेतृत्व में संसद के मकर द्वार पर प्रदर्शन किया। विपक्ष ने 20 जुलाई को छात्रों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुई कथित पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सदन में जवाब देने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज, आंसू गैस और पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया। उनका कहना था कि इस पूरे घटनाक्रम की जवाबदेही तय होनी चाहिए और सरकार को संसद में अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए।
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर चर्चा से बच रही है, जबकि संविधान के अनुच्छेद 75 के तहत गृह मंत्री संसद के प्रति जवाबदेह हैं। उन्होंने बताया कि कांग्रेस संसदीय दल इस विषय पर आगे की रणनीति बनाएगा और लोकसभा तथा राज्यसभा दोनों में इसे प्रमुखता से उठाएगा।
इसी दौरान प्रमोद तिवारी ने राम मंदिर निर्माण से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि मंदिर निर्माण और भूमि खरीद से जुड़े मामलों में गंभीर सवाल हैं। उन्होंने कहा कि इस संबंध में संसद में नोटिस दिया गया है और सरकार को पूरे मामले पर जवाब देना चाहिए।
कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि दिल्ली में छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई का आदेश किस स्तर पर दिया गया, यह देश के सामने स्पष्ट होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष के नेताओं को सदन में अपनी बात रखने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया जा रहा, जिससे लोकतांत्रिक परंपराएं प्रभावित हो रही हैं।
उज्ज्वल रमन सिंह ने कहा कि यदि छात्रों पर बल प्रयोग हुआ है तो इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों और निर्णय लेने वालों की जवाबदेही तय होनी चाहिए। वहीं, कपिल सिब्बल ने कहा कि यदि पैलेट गन का इस्तेमाल हुआ है तो इसकी अनुमति किस स्तर पर दी गई, इस पर गृह मंत्री को संसद में स्पष्ट जवाब देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पहले इस मुद्दे से इनकार करती रही, लेकिन बाद में इस्तेमाल की बात स्वीकार करनी पड़ी।