लोकसभा से पास हुआ पेपर लीक बिल...
नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र में लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 को बुधवार को लोकसभा ने ध्वनि मत से पारित कर दिया। विपक्ष के विरोध और लगातार हंगामे के बीच विधेयक को मंजूरी मिली। इसके बाद सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई। वहीं, राज्यसभा ने भी वंदे मातरम् के अपमान को दंडनीय अपराध बनाने वाले विधेयक को पारित कर दिया।
पेपर लीक से जुड़े इस विधेयक पर लगातार दो दिनों तक विस्तृत चर्चा हुई। मंगलवार को करीब नौ घंटे चली बहस के बाद बुधवार को चर्चा आगे बढ़ी। सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह और भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने पक्ष रखा, जबकि विपक्ष की ओर से राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, गौरव गोगोई और अखिलेश यादव समेत कई नेताओं ने अपनी बात रखी।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने करीब 50 मिनट तक भाषण दिया। अपने संबोधन में उन्होंने छात्रों के आंदोलन, शिक्षा व्यवस्था और पेपर लीक के मुद्दे उठाए। भाषण के दौरान उनके कुछ शब्दों और छात्रों से जुड़े आरोपों पर सत्ता पक्ष ने कड़ा विरोध दर्ज कराया, जिससे सदन में कई बार हंगामे की स्थिति बन गई।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी को कई बार संसदीय नियमों का हवाला देते हुए संयमित भाषा के इस्तेमाल की सलाह दी। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष को सदन की गरिमा बनाए रखनी चाहिए। वहीं, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने स्पीकर से विवादित शब्दों को कार्यवाही से हटाने का अनुरोध किया।
स्पीकर ओम बिरला ने भी बहस के दौरान कई बार हस्तक्षेप करते हुए सभी सदस्यों से संसदीय मर्यादा बनाए रखने की अपील की। राहुल गांधी ने अपने जवाब में कहा कि लोकतंत्र में सभी को अपनी बात रखने का अधिकार है और छात्रों की आवाज को सम्मान मिलना चाहिए।
लंबी बहस और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच आखिरकार लोकसभा ने पेपर लीक संशोधन विधेयक को ध्वनि मत से पारित कर दिया। इस विधेयक को लेकर संसद के दोनों सदनों में पूरे दिन राजनीतिक गतिविधियां तेज रहीं।