पीएम मोदी का सेवा संदेश, बोले- सेवा ही सबसे बड़ी प्रेरणा
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत वडनगर से वाराणसी की ओर बढ़ रहे सेवा यात्रियों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने युवाओं से कहा कि सेवा को केवल शब्दों या भाषणों तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि अपने व्यवहार और काम के जरिए इसका संदेश देना चाहिए।
पीएम मोदी ने कहा कि व्यक्ति को कितनी भी बड़ी जिम्मेदारी या अधिकार क्यों न मिले, उसका रास्ता सेवा का ही होना चाहिए। उन्होंने 'सेवा परमो धर्म:' की भावना के साथ आगे बढ़ने की बात कही। प्रधानमंत्री ने यात्रा से जुड़ी एक परंपरा का जिक्र करते हुए मजाकिया अंदाज में कहा कि यात्रियों को प्रणाम करने से यात्रा के पुण्य का आधा हिस्सा प्रणाम करने वाले को मिलता है, इसलिए वह भी सेवा यात्रियों को प्रणाम कर उनका आधा पुण्य ले रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने वडनगर और वाराणसी के ऐतिहासिक महत्व का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दोनों शहर हजारों वर्षों से जीवंत परंपराओं के केंद्र रहे हैं। वडनगर उनकी जन्मभूमि है, जबकि वाराणसी उनकी कर्मभूमि रही है। उन्होंने कहा कि काशी बाबा विश्वनाथ की भूमि है और वडनगर हाटकेश्वर महादेव के आशीर्वाद से जुड़ा है। ऐसे में दोनों शहरों के बीच सेवा अभियान चलना अपने आप में विशेष अनुभव है।
यात्रा के दौरान पर्यावरण संरक्षण को लेकर पीएम मोदी ने युवाओं के साथ एक आसान उपाय भी साझा किया। उन्होंने पौधे के पास पानी से भरा मिट्टी का घड़ा रखने की सलाह दी। उनके अनुसार, घड़े को महीने में एक बार पानी से भरने से पौधे को धीरे-धीरे पानी मिलता रहेगा। इससे पानी की बचत के साथ पौधों के बेहतर विकास में मदद मिल सकती है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सेवा भाव से किए गए काम का असर समाज के जरूरतमंद वर्गों तक दिखाई देता है। उन्होंने मुफ्त अनाज और आयुष्मान योजना का उदाहरण देते हुए कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की भावना में सेवा का भाव महत्वपूर्ण है।
उन्होंने पीएम-किसान और पीएम सूर्य घर योजना का भी उल्लेख किया। पीएम मोदी ने कहा कि इन योजनाओं की पहचान अंतिम छोर तक लाभ पहुंचाने के प्रयासों से जुड़ी है। उन्होंने कहा कि सेवा ही सबसे बड़ी प्रेरक शक्ति है और इसी भावना से जनहित के काम आगे बढ़ाए जाने चाहिए।
अपने संगठन के दिनों को याद करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें यात्राओं का पुराना अनुभव रहा है। उन्होंने कहा कि खुद यात्रा करने पर रास्ते की कठिनाइयों और चुनौतियों को करीब से समझने का अवसर मिलता है। उन्होंने सेवा संकल्प यात्रा में शामिल युवाओं के समर्पण की सराहना की।
पीएम मोदी ने युवाओं को विकसित भारत के निर्माण से जोड़ते हुए कहा कि आज की युवा पीढ़ी इस लक्ष्य की निर्माता भी है और आने वाले समय में इसकी प्रमुख लाभार्थी भी होगी। उन्होंने कहा कि इसके लिए युवाओं को देश के अलग-अलग हिस्सों को करीब से जानना जरूरी है। उन्हें विभिन्न सामाजिक वर्गों से मिलकर उनके सपनों, समस्याओं और आकांक्षाओं को समझना चाहिए।
उन्होंने कहा कि राजनीति, चुनाव और शासन की अपनी-अपनी भूमिका है, लेकिन राष्ट्र निर्माण का लक्ष्य इनसे व्यापक है। प्रधानमंत्री ने 2047 तक विकसित भारत के संकल्प में युवाशक्ति की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए युवाओं से इस दिशा में मजबूती से आगे बढ़ने का आह्वान किया।
सेवा संकल्प यात्रा क्या है?
सेवा संकल्प यात्रा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर 17 सितंबर 2026 से शुरू किए गए व्यापक जनसेवा और सुशासन अभियान का हिस्सा है। वडनगर से वाराणसी तक की यात्रा के दौरान इससे जुड़े युवा सेवा, जनसंपर्क और सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यक्रमों में भाग ले रहे हैं।