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राजनाथ सिंह की चेतावनी पर पाकिस्तान तिलमिलाया, सैन्य कमांडर ने दी धमकी

राजनाथ सिंह की चेतावनी पर पाकिस्तान तिलमिलाया, सैन्य कमांडर ने दी धमकी

नई दिल्ली। भारत और पाकिस्तान के बीच बयानबाजी एक बार फिर तेज हो गई है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की ओर से सीमा पार आतंकवाद की किसी भी नई घटना पर पहले से अधिक कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दिए जाने के बाद पाकिस्तान के एक शीर्ष सैन्य कमांडर ने जवाबी बयान दिया है। लेफ्टिनेंट जनरल आमेर रजा ने कहा कि किसी भी गलत आकलन का जवाब ऐसा होगा, जिसकी विरोधी पक्ष ने कल्पना भी नहीं की होगी।

पाकिस्तान की मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, नेशनल स्ट्रैटेजिक कमांड के कमांडर आमेर रजा ने शनिवार को पाकिस्तान सैन्य अकादमी में आयोजित पासिंग आउट परेड को संबोधित करते हुए यह टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि परमाणु हथियारों से लैस क्षेत्र में युद्ध की कोई जगह नहीं है। साथ ही उन्होंने पाकिस्तान की सशस्त्र सेनाओं की तैयारियों का जिक्र करते हुए कहा कि सेना देश की सीमाओं की रक्षा करने के लिए पूरी तरह सक्षम है।

आमेर रजा ने अपने संबोधन में पाकिस्तान के खिलाफ कथित शत्रुतापूर्ण इरादों और दुष्प्रचार का भी मुद्दा उठाया। जियो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने आरोप लगाया कि विरोधी पक्ष दुष्प्रचार और नैरेटिव वॉरफेयर के जरिए पाकिस्तानी जनता तथा सशस्त्र बलों के बीच मतभेद पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान को अप्रत्यक्ष गतिविधियों के जरिए अस्थिर करने की कोशिश किए जाने का भी दावा किया।

हालांकि, पाकिस्तानी कमांडर ने अपने संबोधन में भारत की चेतावनी के जवाब में किसी विशेष सैन्य कार्रवाई की घोषणा नहीं की। उनका बयान मुख्य रूप से पाकिस्तान की रक्षा तैयारियों, राष्ट्रीय एकता और संभावित सुरक्षा चुनौतियों पर केंद्रित रहा।

राजनाथ सिंह ने क्या चेतावनी दी थी?

पाकिस्तानी कमांडर की टिप्पणी से पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 15 अक्टूबर को आतंकवाद के खिलाफ भारत के रुख को लेकर सख्त संदेश दिया था। उन्होंने कहा था कि सीमा पार आतंकवाद की कोई भी नई घटना होने पर भारत की प्रतिक्रिया पिछली कार्रवाई से भी अधिक कड़ी होगी।

राजनाथ सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर, बालाकोट हवाई हमले और सर्जिकल स्ट्राइक का उल्लेख करते हुए कहा था कि इन कार्रवाइयों ने आतंकवाद के खिलाफ भारत की रणनीति में बदलाव को दर्शाया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि भारत शांति का पक्षधर है, लेकिन उसकी शांति की इच्छा को कमजोरी नहीं समझा जाना चाहिए।

रक्षा मंत्री के बयान को भारत की आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई और भविष्य में संभावित जवाबी कदमों के संदर्भ में देखा जा रहा है। उनके संदेश का मुख्य जोर इस बात पर था कि सीमा पार आतंकवाद की नई घटना को भारत हल्के में नहीं लेगा।

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने भी जताई थी आपत्ति

राजनाथ सिंह के बयान पर पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने भी प्रतिक्रिया दी थी। एक दिन पहले जारी प्रतिक्रिया में कार्यालय ने उनकी टिप्पणियों को उकसावे वाला बताते हुए उन पर कथित आधिपत्यवादी मानसिकता का आरोप लगाया था।

इसके बाद पाकिस्तानी सैन्य कमांडर का बयान सामने आने से दोनों देशों के बीच आधिकारिक स्तर पर चल रही बयानबाजी फिर सुर्खियों में आ गई है। एक ओर भारत आतंकवाद के खिलाफ सख्त जवाब देने की बात कह रहा है, वहीं पाकिस्तान अपनी रक्षा तैयारियों और संभावित जवाबी प्रतिक्रिया का उल्लेख कर रहा है।

ऑपरेशन सिंदूर के बाद भी जारी है आरोप-प्रत्यारोप

ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र दोनों देशों के हालिया बयानों में महत्वपूर्ण रूप से सामने आया है। आमेर रजा ने इस अभियान के बाद पाकिस्तान को अस्थिर करने की कथित कोशिशों का आरोप लगाया, जबकि भारत की ओर से आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई को सुरक्षा नीति का हिस्सा बताया गया है।

फिलहाल, दोनों पक्षों की ओर से कड़े बयान दिए जा रहे हैं, लेकिन पाकिस्तानी कमांडर के संबोधन में किसी नई सैन्य कार्रवाई की स्पष्ट घोषणा नहीं की गई। ऐसे में मौजूदा घटनाक्रम को भारत-पाकिस्तान के बीच जारी सुरक्षा संबंधी तनाव और कूटनीतिक बयानबाजी के संदर्भ में देखा जा रहा है।

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