पंजाब के नशे पर घमासान, केजरीवाल का राहुल को जवाब
नई दिल्ली। पंजाब में नशे के मुद्दे को लेकर आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ओर से पंजाब में नशे के मुद्दे पर की गई टिप्पणी को लेकर दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया के जरिए पलटवार किया है। केजरीवाल ने पंजाब सरकार का बचाव करते हुए कांग्रेस, अकाली दल और बीजेपी पर राज्य में नशे की समस्या बढ़ाने का आरोप लगाया। केजरीवाल ने अपने बयान में कहा कि पंजाब सरकार नशे के खिलाफ निर्णायक युद्ध लड़ रही है। उन्होंने राहुल गांधी से सवाल करते हुए कहा कि पंजाब में नशा कौन लेकर आया। केजरीवाल के मुताबिक, राज्य में कांग्रेस, अकाली दल और बीजेपी की सरकारों के कार्यकाल में नशे की समस्या बढ़ी और अब आम आदमी पार्टी की सरकार उस समस्या को खत्म करने की कोशिश कर रही है। केजरीवाल ने दावा किया कि पहली बार देश में कोई राज्य सरकार नशे के खिलाफ इस स्तर पर अभियान चला रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार पिछली सरकारों के दौरान फैलाए गए नशे के नेटवर्क को साफ करने की कोशिश कर रही है। इसी दौरान उन्होंने राहुल गांधी पर एक व्यक्ति की मौत को लेकर राजनीति करने का आरोप लगाया। केजरीवाल ने राहुल गांधी के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें बेहद दुख है कि उनके जैसे नेता एक व्यक्ति की मौत के मामले में राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि जिस गांव में व्यक्ति की मौत हुई थी, वहां राहुल गांधी के विधायक भी पहुंचे थे, लेकिन गांव के लोगों ने उन्हें वहां से निकाल दिया।
केजरीवाल ने राहुल गांधी से खुद गांव का दौरा करने और वहां के लोगों से वास्तविक स्थिति जानने की अपील की। उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब सरकार के किसी मंत्री या विधायक का मृतक की मौत से कोई लेना-देना नहीं है। केजरीवाल ने राहुल गांधी से अपील की कि इस मामले में राजनीति करने के बजाय तथ्यों को समझा जाए। वहीं, आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया ने भी राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला।
सिसोदिया ने कहा कि राहुल गांधी को एक गरीब दलित मजदूर की मौत के मामले में झूठ बोलने से पहले तथ्यों की जांच करनी चाहिए थी। सिसोदिया ने अपने बयान में कहा कि मृतक गुलजार सिंह के बेटे ने कैमरे के सामने स्पष्ट रूप से कहा है कि उनके पिता पर किसी मंत्री की ओर से कोई दबाव नहीं बनाया गया था। सिसोदिया ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने मृतक के बेटे की बात सुनने और एफआईआर पढ़ने के बजाय केवल एक वीडियो के आधार पर पंजाब सरकार पर हमला कर दिया।
उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई के नाम पर राजनीति की जा रही है और एक मजदूर की मौत को भी राजनीतिक मुद्दा बना दिया गया है। सिसोदिया ने राहुल गांधी से मृतक के बेटे से माफी मांगने की मांग की।