जंतर-मंतर फिर गर्माया, 10 अक्टूबर के आंदोलन का ऐलान
नई दिल्ली। चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर दिल्ली में विरोध का सिलसिला तेज हो गया है। मुंबई में 2 अक्टूबर को हुए प्रदर्शन के बाद CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर फिर प्रदर्शन करने की घोषणा की है।
दीपके ने कहा है कि यदि मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते हैं तो देशभर से लोग दिल्ली पहुंचकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने प्रस्तावित प्रदर्शन को शांतिपूर्ण रखने की बात भी कही है।
2 अक्टूबर की कार्रवाई के बाद फिर जुटने की तैयारी
इससे पहले 2 अक्टूबर को दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन की कोशिश की गई थी। जंतर-मंतर की ओर बढ़ रहे AAP नेताओं, छात्र संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया था। इनमें सौरभ भारद्वाज, आतिशी, संजय सिंह और अन्य लोग शामिल थे।
दिल्ली पुलिस ने इस प्रदर्शन के सिलसिले में तीन FIR भी दर्ज की हैं। पुलिस के मुताबिक, मामले में सार्वजनिक व्यवस्था और अधिकारियों के निर्देशों के उल्लंघन से जुड़े प्रावधान लगाए गए हैं।
SIR को लेकर CJP की आपत्ति
अभिजीत दीपके और उनके संगठन ने SIR प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठाए हैं। CJP की प्रमुख मांगों में CEC ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा और मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं की जांच शामिल है।
हालांकि, मतदाता सूची में बदलाव को लेकर लगाए जा रहे आरोपों पर चुनाव आयोग ने अनियमितता के आरोपों को खारिज किया है। आयोग का कहना है कि SIR से जुड़े बड़े फैसले पूर्ण आयोग ने सर्वसम्मति से लिए हैं।
दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था सख्त
2 अक्टूबर के प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस ने नई दिल्ली इलाके में BNSS की धारा 163 लागू होने की जानकारी दी थी। इसके तहत बिना अनुमति सभा, जुलूस, धरना और प्रदर्शन पर रोक थी। जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में दिल्ली पुलिस के साथ केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की तैनाती की गई थी।
पुलिस ने जंतर-मंतर, संसद मार्ग, पटेल चौक और आसपास के रास्तों पर बैरिकेडिंग और निगरानी बढ़ाई थी। प्रदर्शन के दौरान कई लोगों को हिरासत में लिए जाने के बाद भी इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी बनी हुई है।
मुंबई से दिल्ली तक विरोध का विस्तार
2 अक्टूबर को मुंबई के शिवाजी पार्क में CJP के नेतृत्व में प्रदर्शन हुआ था। यहां दीपके ने CEC के इस्तीफे की मांग दोहराई और कहा कि मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन को दिल्ली तक ले जाया जाएगा।
अब 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन के ऐलान के साथ यह मुद्दा एक बार फिर राजधानी की राजनीति और सुरक्षा व्यवस्था के केंद्र में आ गया है। दीपके ने कहा है कि आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से किया जाएगा।
विपक्षी दलों और छात्र संगठनों की भी सक्रियता
चुनाव आयोग और SIR को लेकर दिल्ली में विपक्षी दलों, छात्र संगठनों और नागरिक समूहों की ओर से भी प्रदर्शन किए जा रहे हैं। 2 अक्टूबर की कार्रवाई के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक गतिविधियां और तेज हुई हैं।
इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, 2 अक्टूबर को दिल्ली में प्रदर्शन की कोशिश के दौरान करीब 550 लोगों को हिरासत में लिया गया था। इसके बाद पुलिस ने मामले में FIR दर्ज की।
अब 10 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था और प्रदर्शनकारियों की रणनीति पर नजर रहेगी। वहीं, चुनाव आयोग के खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों और SIR प्रक्रिया को लेकर विवाद का अगला चरण राजनीतिक और कानूनी स्तर पर आगे बढ़ने की संभावना है।