राजस्थान के राजकीय विद्यालयों में पहली बार 'सत्रारंभ के साथ शिक्षारंभ'
चूरू। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशन में प्रदेश में शैक्षिक परिदृश्य निरंतर उन्नयन कर रहा है। मुख्यमंत्री शर्मा की प्रेरणा से शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल के साथ ‘सत्रारंभ के साथ शिक्षारंभ’ की अवधारणा को लागू किया जा रहा है। इस बार प्रदेश सरकार द्वारा राजस्थान के राजकीय विद्यालयों में ‘प्रवेशोत्सव— 2026’ का आयोजन 1 अप्रैल, 2026 से प्रारंभ किया जा रहा है और सत्र आरंभ होने के साथ ही विद्यार्थियों को नि:शुल्क यूनिफॉर्म व पाठ्यपुस्तकें सहित बेहतरीन शिक्षा सेवाओं का लाभ भी सुनिश्चित किया जा रहा है।प्रवेशोत्सव के दौरान सत्र आरंभ के साथ ही विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें, निःशुल्क यूनिफॉर्म डीबीटी तथा विद्यार्थियों की स्वास्थ्य जांच (शाला स्वास्थ्य परीक्षण अभियान) आदि महत्वपूर्ण शिक्षा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। यह पहल विद्यार्थियों के समग्र विकास को सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस विशेष अभियान का उद्देश्य अधिकाधिक बच्चों को विद्यालय से जोड़ना तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देना है। प्रदेश में निरंतर शैक्षिक परिदृश्य बदल रहा है। प्रदेश के राजकीय विद्यालयों में प्रशिक्षित शिक्षक, सुविधाजनक विद्यालय भवन, स्मार्ट कक्षाएं व आईसीटी लैब, गतिविधि आधारित शिक्षण (एबीएल), खेल मैदान एवं खेल सामग्री, व्यावसायिक शिक्षा, डिजिटल लाइब्रेरी एवं रीडिंग कॉर्नर तथा छात्रवृत्ति एवं सरकारी योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। जिला प्रशासन ने जिले के सभी अभिभावकों एवं नागरिकों से अपील करती है कि वे अपने बच्चों का नामांकन नजदीकी राजकीय विद्यालयों में करवाएं और उन्हें उज्ज्वल भविष्य की ओर अग्रसर करें।