बूंदी में 8 बूथ बने ‘स्वच्छ हरित बूथ’, मतदान के साथ दिया सफाई का संदेश
बूंदी। नगर निकाय चुनाव-2026 में मतदान के साथ स्वच्छता का संदेश देने के लिए बूंदी जिले में विशेष पहल की गई। स्वीप गतिविधियों के तहत जिले की प्रत्येक नगर निकाय से एक-एक मतदान केंद्र का चयन कर कुल आठ बूथों को ‘स्वच्छ हरित बूथ’ के रूप में तैयार किया गया। इन केंद्रों पर मतदान के साथ मतदाताओं को साफ-सफाई और कचरे के उचित निस्तारण के प्रति जागरूक किया गया।
जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी चारू ने बताया कि स्वच्छ भारत अभियान और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन के उद्देश्य से यह पहल की गई। मतदान केंद्रों पर गीले यानी जैविक कचरे, सूखे कचरे, सेनेटरी वेस्ट और हानिकारक कचरे को अलग-अलग एकत्र करने, रखने और निस्तारित करने की जानकारी दी गई।
इन बूथों को सामान्य मतदान केंद्रों से अलग रूप देने के लिए प्रवेश द्वार से लेकर परिसर तक स्वच्छता आधारित व्यवस्थाएं की गईं। यहां स्वच्छता प्रवेश गैलरी, वेस्ट टू यूज मैनेजमेंट, प्राकृतिक पौधे और प्लास्टिक वेस्ट कलेक्शन बॉटल की व्यवस्था की गई। इसके अलावा स्वच्छता संदेश वाली रंगोली और मोबाइल टॉयलेट सुविधा भी उपलब्ध कराई गई।
मतदाताओं ने ली सेल्फी, स्वच्छता का संदेश भी पढ़ा
स्वच्छ हरित बूथों को देखने के बाद मतदाताओं में उत्साह नजर आया। मतदान के लिए पहुंचे लोगों ने परिसर में लगाए गए स्वच्छता संदेशों को पढ़ा और सफाई को लेकर जागरूकता दिखाई। बूथों पर बनाए गए विशेष सेल्फी पॉइंट भी लोगों के आकर्षण का केंद्र रहे। कई मतदाताओं ने यहां मोबाइल से तस्वीरें लेकर इस पहल को सराहा।
इन 8 जगहों पर बने स्वच्छ हरित बूथ
बूंदी नगर परिषद के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय चौगान गेट में स्वच्छ हरित बूथ बनाया गया। इसी तरह पाटन में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बालिका, कापरेन में उप तहसील, लाखेरी में एसीसी स्कूल नयापुरा और इन्द्रगढ़ में जनजाति छात्रावास को स्वच्छ हरित बूथ के रूप में तैयार किया गया।
इसके अलावा देई में महात्मा गांधी विद्यालय (नवीन), नैनवां में बस स्टैंड के पास पीएम श्री उच्च माध्यमिक विद्यालय और हिंडोली में तालाब की पाल के पास स्थित मतदान केंद्र पर भी स्वच्छता आधारित विशेष व्यवस्थाएं की गईं।
इस पहल का उद्देश्य मतदान केंद्रों को स्वच्छ और आकर्षक बनाने के साथ मतदाताओं को रोजमर्रा की जिंदगी में कचरे के बेहतर प्रबंधन और साफ-सफाई के प्रति जागरूक करना रहा। स्वीप गतिविधियों के जरिए मतदान के संदेश के साथ स्वच्छता को भी जनभागीदारी से जोड़ने का प्रयास किया गया।