Dark Mode
अजमेर में बांग्लादेशी नागरिक पकड़ा गया, अभियान में अब तक 61 की पहचान

अजमेर में बांग्लादेशी नागरिक पकड़ा गया, अभियान में अब तक 61 की पहचान

  • अजमेर पुलिस कार्रवाई: स्पेशल टास्क फोर्स के अभियान में 27वीं कार्रवाई के दौरान 52 वर्षीय गुलाम मुस्तफा पकड़ा गया।

  • बांग्लादेशी नागरिक की जांच: पुलिस के अनुसार, व्यक्ति ने करीब 25 साल पहले भारत आने की बात स्वीकार की है।

  • अजमेर में विशेष अभियान: पुलिस के मुताबिक, अब तक 61 बांग्लादेशी नागरिकों को दस्तयाब किया गया है।

अजमेर। राजस्थान के अजमेर में विदेशी नागरिकों के अवैध निवास की जांच के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस और सीआईडी की संयुक्त टीम ने एक 52 वर्षीय व्यक्ति को पकड़ा है। पुलिस के अनुसार, व्यक्ति की पहचान बांग्लादेश निवासी गुलाम मुस्तफा के रूप में हुई है। यह अभियान के तहत की गई 27वीं कार्रवाई बताई जा रही है। इसके साथ ही अब तक दस्तयाब किए गए बांग्लादेशी नागरिकों की संख्या 61 हो गई है।

पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर चल रहे इस अभियान का उद्देश्य ऐसे लोगों की पहचान करना और जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई करना है, जिनके भारत में रहने या प्रवेश को लेकर संदेह है। अजमेर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक डॉ. रवि और अजमेर पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला के निर्देश पर जिले में यह अभियान चलाया जा रहा है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हिमांशु जांगिड़ के निर्देशन और दरगाह वृत्ताधिकारी हर्षित शर्मा के नेतृत्व में पुलिस तथा सीआईडी की संयुक्त टीम काम कर रही है।

दरगाह क्षेत्र में तलाश के दौरान मिला संदिग्ध

पुलिस टीम दरगाह बाजार, जालियान कब्रिस्तान, अंदरकोट, नई सड़क, तारागढ़ की पहाड़ी, सिलावट मोहल्ला, लंगर खाना गली, त्रिपोलिया गेट, सोहले खंभा और लाखन कोटड़ी समेत कई इलाकों में जानकारी जुटा रही थी। इसी दौरान एक व्यक्ति को संदेह के आधार पर पकड़ा गया और उससे पूछताछ की गई।

पुलिस के मुताबिक, उसने अपना नाम गुलाम मुस्तफा बताया। उसने अपने पिता का नाम स्वर्गीय नजीर हुसैन और पता बांग्लादेश के लालमुनिहाट जिले के मुगलहाट गांव का बताया है।

करीब 25 साल पहले भारत आने का दावा

पूछताछ के दौरान गुलाम मुस्तफा ने कथित तौर पर करीब 25 साल पहले पश्चिम बंगाल के मुगलहाट सीमा क्षेत्र से अवैध रूप से भारत में प्रवेश करने की बात कही। पुलिस के अनुसार, उसने बताया कि शुरुआत में वह पश्चिम बंगाल में रहा और एक किराना दुकान पर काम किया। इसके बाद ट्रेन से अजमेर पहुंचा और दरगाह शरीफ के आसपास रहने लगा।

उसने पूछताछ में दिल्ली, उत्तराखंड, हरिद्वार, असम, गुजरात और महाराष्ट्र समेत कई स्थानों पर रहने की बात भी बताई। पुलिस के मुताबिक, वह करीब तीन महीने पहले दोबारा अजमेर आया था और दरगाह क्षेत्र में रह रहा था।

नागरिकता और दस्तावेजों की जांच जारी

सोमवार को दरगाह थाना पुलिस और सीआईडी जोन अजमेर की टीम उसे थाने लेकर आई। फिलहाल उसकी नागरिकता, भारत में प्रवेश और यहां रहने से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है। आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों और लागू कानूनी प्रक्रिया के अनुसार की जाएगी।

इस संयुक्त कार्रवाई में दरगाह थानाधिकारी दिनेश जीवनानी, सीआईडी जोन के निरीक्षक नरेंद्र कुमार शर्मा, सहायक उपनिरीक्षक मजीद मोहम्मद और डीएसबी अजमेर के सहायक उपनिरीक्षक योगेश कुमार समेत अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे। कांस्टेबल मुकेश कुमार और नाथूराम का भी कार्रवाई में विशेष योगदान बताया गया है।

पुलिस का कहना है कि जिले में अभियान के तहत संदिग्ध मामलों की पहचान और जांच जारी रहेगी। गुलाम मुस्तफा के मामले में अंतिम कार्रवाई संबंधित तथ्यों के सत्यापन के बाद की जाएगी।

Comment / Reply From

You May Also Like

Newsletter

Subscribe to our mailing list to get the new updates!