चित्तौड़गढ़ में नमकीन प्रतिष्ठान पर 5,000 का जुर्माना, जानें वजह
चित्तौड़गढ़: उपभोक्ताओं को सही जानकारी मिले और पैकबंद वस्तुओं की बिक्री निर्धारित नियमों के अनुसार हो, इसके लिए विधिक माप विज्ञान विभाग ने शहर में विशेष निरीक्षण अभियान चलाया। बुधवार को हुई इस कार्रवाई में विभिन्न प्रतिष्ठानों की जांच की गई। इस दौरान एक नमकीन प्रतिष्ठान पर पैकेजिंग लाइसेंस नहीं मिलने पर जुर्माना लगाया गया।
यह अभियान मंत्री सुमित गोदारा के निर्देशानुसार संचालित किया गया। विभाग की टीम ने प्रतिष्ठानों में पैकबंद वस्तुओं पर दर्ज आवश्यक घोषणाओं और संबंधित नियमों की पालना की जांच की।
लाइसेंस नहीं मिलने पर ₹5,000 की कार्रवाई
निरीक्षण के दौरान राजश्री नमकीन प्रतिष्ठान पर पैकेजिंग लाइसेंस नहीं पाया गया। विभाग ने नियमों के तहत प्रतिष्ठान पर 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया। कार्रवाई का उद्देश्य कारोबारियों को निर्धारित नियमों का पालन करने के लिए जवाबदेह बनाना और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना है।
दो इलेक्ट्रिक प्रतिष्ठानों पर नियमों की पालना
अभियान के तहत गौतम इलेक्ट्रिक और महालक्ष्मी इलेक्ट्रिक प्रतिष्ठानों का भी निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान यहां पैकबंद वस्तुओं पर दर्ज जरूरी घोषणाएं विभागीय निर्देशों और निर्धारित मानकों के अनुरूप पाई गईं।
आगे भी जारी रहेगा निरीक्षण अभियान
विधिक माप विज्ञान विभाग के अनुसार, उपभोक्ताओं को पैकबंद वस्तुओं से संबंधित सही और जरूरी जानकारी उपलब्ध कराना अभियान का प्रमुख उद्देश्य है। इसके साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
विभाग ने स्पष्ट किया कि उपभोक्ता हितों की रक्षा और पैकेजिंग संबंधी नियमों की पालना सुनिश्चित करने के लिए शहर में विशेष निरीक्षण अभियान आगे भी जारी रहेगा।