Dark Mode
राजस्थान में बदला मौसम, आंधी-बारिश के बीच दो की मौत

राजस्थान में बदला मौसम, आंधी-बारिश के बीच दो की मौत

 

  • राजस्थान में आंधी-बारिश से मौसम सुहाना, कई जिलों में राहत।
  • भरतपुर और भीलवाड़ा में हादसों के चलते दो लोगों की मौत।
  • प्री-मानसून गतिविधियां तेज, कई जिलों में अलर्ट जारी।

 

जयपुर। मानसून के आगमन से पहले राजस्थान में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। प्रदेश के कई हिस्सों में प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय हो गई हैं, जिससे आंधी और बारिश का सिलसिला तेज हो गया है। मौसम के इस बदलाव ने जहां लोगों को भीषण गर्मी से राहत दी है, वहीं कुछ जगहों पर तेज अंधड़ जानलेवा भी साबित हुआ।

भरतपुर और भीलवाड़ा में आंधी से जुड़े अलग-अलग हादसों में दो लोगों की मौत हो गई। भरतपुर जिले के नदबई क्षेत्र के झोरोल गांव में तेज हवा के दौरान एक निर्माणाधीन दीवार गिर गई। हादसे में 55 वर्षीय महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनका दिव्यांग बेटा घायल हो गया। दोनों दीवार के पास बैठे थे, तभी तेज अंधड़ के कारण यह दुर्घटना हुई।

उधर, भीलवाड़ा के बिजौलिया क्षेत्र में तेज हवा के साथ उड़कर आई लोहे की चादर एक व्यक्ति के गले से टकरा गई, जिससे उसकी मौत हो गई। वहीं एक अन्य व्यक्ति घायल हो गया। अंधड़ के कारण कई गांवों में टिनशेड उड़ गए, पेड़ धराशायी हो गए और बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई। एक स्थान पर लोहे की चादर गिरने से भैंस की भी मौत हो गई।

गुरुवार दोपहर बाद से ही प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आया। झुंझुनूं, हनुमानगढ़, चूरू और बीकानेर संभाग के अनेक इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश दर्ज की गई। नोहर और तारानगर क्षेत्र में तेज बारिश और अंधड़ का असर अधिक देखने को मिला।

राजधानी जयपुर में भी रातभर बादलों का डेरा रहा। शहर के सांगानेर, प्रतापनगर, सीतापुरा और वाटिका सहित कई इलाकों में रुक-रुक कर बारिश होती रही। सुबह तक आसमान में बादल छाए रहने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई और लोगों को गर्मी से काफी राहत मिली।

मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी और दक्षिणी राजस्थान में नमी का स्तर लगातार बढ़ रहा है। जयपुर, कोटा, उदयपुर और चित्तौड़गढ़ समेत कई क्षेत्रों में आर्द्रता 50 से 70 प्रतिशत के बीच दर्ज की गई। हालांकि तापमान में कमी के बावजूद बढ़ी हुई उमस ने लोगों की परेशानी बढ़ाई।

बारिश और बादलों के असर के बावजूद पश्चिमी राजस्थान में गर्मी पूरी तरह कम नहीं हुई है। श्रीगंगानगर प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया। इसके अलावा चूरू, जैसलमेर, फलोदी, बीकानेर, बाड़मेर और जोधपुर जैसे जिलों में भी तापमान 41 से 43 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहा।

मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो दिनों तक प्रदेश के पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में आंधी, मेघगर्जन और बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी। इसके चलते तापमान में और गिरावट आ सकती है तथा अधिकांश क्षेत्रों में लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की संभावना है। वहीं जुलाई के पहले सप्ताह तक मानसून के राजस्थान पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है।

Comment / Reply From

You May Also Like

Newsletter

Subscribe to our mailing list to get the new updates!