फर्जी रजिस्ट्री कर जमीन हड़पने वाले दो आरोपित गिरफ्तार
चित्तौड़गढ़। कृषि भूमि के स्वामित्व से जुड़े एक गंभीर मामले में भादसोड़ा थाना पुलिस ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन का नामांतरण कराने वाले दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपितों ने सुनियोजित तरीके से दस्तावेजों में हेरफेर कर वास्तविक कब्जाधारियों को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया।
पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह के अनुसार, मामले की शुरुआत 10 जून 2024 को हुई शिकायत से हुई। मावरा निवासी बालमुकुंद राव ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि उनके पिता ने वर्ष 1992 में गांव मावरा स्थित 1.5100 हेक्टेयर कृषि भूमि खरीदी थी और तब से परिवार का उस पर कब्जा है।
जांच के दौरान पता चला कि कुछ लोगों ने षड्यंत्र के तहत एक व्यक्ति को जमीन के मूल विक्रेता के रूप में प्रस्तुत कर फर्जी दस्तावेज तैयार करवा लिए। इन दस्तावेजों के आधार पर मई 2024 में उप तहसील कार्यालय भादसोड़ा में भूमि की रजिस्ट्री और नामांतरण की प्रक्रिया पूरी कर ली गई।
पुलिस के अनुसार, मामले में फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार कर रिकॉर्ड में गलत जानकारी दर्ज कराने का भी प्रयास किया गया। आरोप है कि दस्तावेजों में जानबूझकर भ्रामक विवरण शामिल किए गए, जिससे जमीन के स्वामित्व को लेकर भ्रम पैदा किया जा सके।
साक्ष्यों और दस्तावेजों की जांच के बाद पुलिस ने भागीरथ पुत्र रामलाल रेगर निवासी मंडफिया तथा राजू पुत्र नंदलाल नायक निवासी कुरेठा को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
पुलिस का कहना है कि पूरे प्रकरण में कई अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आई है। जांच के दौरान दस्तावेज लेखक, स्टाम्प विक्रेता समेत कुल आठ व्यक्तियों के नाम सामने आए हैं। सभी की संलिप्तता की जांच की जा रही है और मामले में आगे भी कार्रवाई की संभावना है।
भादसोड़ा थाना पुलिस का कहना है कि भूमि रिकॉर्ड में फर्जीवाड़े से जुड़े मामलों को गंभीरता से लिया जा रहा है और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।