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लोकतंत्र में मजबूत विपक्ष एवं स्वस्थ संवाद जरूरी : पायलट

लोकतंत्र में मजबूत विपक्ष एवं स्वस्थ संवाद जरूरी : पायलट

पूर्व केन्द्रीय मंत्री स्व. राजेश पायलट की जयंती पर टोंक में तीन दिवसीय दिव्यांग सहायता सामग्री वितरण शिविर प्रारम्भ

टोंक। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव, पूर्व उप मुख्यमंत्री एवं टोंक विधायक सचिन पायलट ने कहा कि हम सभी के मन में यह भाव रहता है कि गरीब, असहाय लोगों की मदद किस प्रकार से की जाये परन्तु कई बार यह भावना मूर्त रूप नहीं ले पाती। बहुत ही कम लोग ऐसे होते हैं जो इस भावना को साकार रूप प्रदान करते है। भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति ऐसी ही एक संस्था है जिसने अनेकों अक्षम लोगों को अपने पैरों पर खड़ा कर मुख्य धारा से जोड़ने का काम किया है। पायलट ने आज पूर्व केन्द्रीय मंत्री एवं किसान नेता स्व. राजेश पायलट की जयंती पर भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति के सहयोग से टोंक में आयोजित ‘‘निःशुल्क दिव्यांग सामग्री वितरण शिविर‘‘ के उद्घाटन कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए उक्त विचार रखें। कार्यक्रम भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति के संस्थापक पद्म भूषण डॉ. डी.आर. मेहता सहित अनेक विशिष्टजन उपस्थित रहे। इस अवसर पर स्व. राजेश पायलट को याद करते हुए उन्होंने कहा कि स्व. पायलट साहब ने अपने जीवन में ऐसी छाप छोड़ी है कि एक गरीब परिवार का व्यक्ति जिसके पास कुछ ना हो, वो अपनी मेहनत और लगन से बहुत ऊचाईयां हासिल कर सकता है। उन्होंने सदैव यह सीख दी कि जिनके बीच हम रहते हैं, जो लोग हमसे जुड़े हुए हैं, उन्हें हमेशा साथ लेकर बढ़ना चाहिए। एक पुरानी कहावत है ‘जिस पेड़ की जड़े गहरी नहीं होती, वह ऊंचा नहीं उठ सकता‘। उनकी सोच थी कि शिक्षित एवं समझदार लोग राजनीति में आगे आये और जनसेवा को प्राथमिकता दें। मुझे खुशी है कि स्व. राजेश पायलट जी की जयंती पर आज हम इस शिविर के माध्यम से कुछ लोगों की मदद कर पाये है। पायलट ने कहा कि अलग-अलग विचारधारा के लोग चुनाव लड़ते हैं। परन्तु आज चुनाव लड़ता, प्रतिस्पर्धा होना नफरत में तब्दील होता जा रहा है। एक-दूसरे में प्रति राजनीति में जो घृणा पैदा हो गई है, जो तनाव पैदा हो गया है, वो कोई शुभ संकेत नहीं है। लोकतंत्र में यदि सब दुश्मन बन जायेंगे तो सहमति कैसे बनेगी। आज जो संसद में हो रहा है, इससे सभी भली-भांति परिचित है। हमारे लोकतंत्र की परम्परा रही है कि आलोचना करना, आईना दिखाना, सवाल पूछना, मापदण्ड तय करना, जिम्मेदारी तय करना यह विपक्ष का काम रहा है। मजबूत विपक्ष स्वस्थ लोकतंत्र की बहुत बड़ी जरूरत है। लेकिन आज जो टकराव एवं दमन की राजनीति उत्पन्न हो गई है, यह लोकतंत्र में सही नहीं है। उल्लेखनीय है 10 फरवरी से 12 फरवरी तक चलते वाले इस तीन दिवसीय शिविर में दिव्यांजनों को कृत्रिम हाथ-पैर, श्रवण यंत्र, बैसाखी, छड़ी, कैलिपर्स, सामान्य ट्राईसाईकिल, व्हीलचेयर एवं वॉकर का निःशुल्क वितरण किया जा रहा है।

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