स्टोक्स का बड़ा प्लान, बोले- एक दिन इंग्लैंड का कोच बनना है
नई दिल्ली। इंग्लैंड के पूर्व कप्तान बेन स्टोक्स ने अपने भविष्य को लेकर तस्वीर काफी हद तक साफ कर दी है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद उन्होंने कहा है कि वह एक दिन इंग्लैंड की टीम के कोच की जिम्मेदारी संभालना चाहेंगे। स्टोक्स ने यह भी स्पष्ट किया कि 2027 में होने वाली एशेज सीरीज के दौरान उनके दोबारा खिलाड़ी के रूप में मैदान पर उतरने की कोई योजना नहीं है।
स्टुअर्ट ब्रॉड और जोस बटलर के पॉडकास्ट 'फॉर द लव ऑफ क्रिकेट' पर बातचीत में स्टोक्स ने बताया कि वह खेल से जुड़े रहने के लिए अभी से कोचिंग की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह लेवल-3 कोचिंग कोर्स कर रहे हैं, ताकि क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद उनकी कोचिंग से जुड़ी पढ़ाई पूरी हो चुकी हो।
स्टोक्स ने कहा कि उन्हें खेल से अलग होकर किसी नेतृत्वकारी भूमिका में काम करना पसंद आएगा। इंग्लैंड का कोच बनने की इच्छा के सवाल पर उन्होंने सकारात्मक जवाब दिया और बताया कि वह क्रिकेट में अपने अनुभव को आगे भी इस्तेमाल करना चाहते हैं।
2027 की एशेज में वापसी की अटकलों पर स्टोक्स ने साफ कहा कि उन्होंने अपने संन्यास को अंतिम फैसला माना है। उन्होंने बताया कि वह 35 साल के हैं और उनके करियर का बड़ा हिस्सा कप्तानी और नेतृत्व की भूमिका में बीता है। ऐसे में यदि वह दोबारा इंग्लैंड के लिए खेलते भी, तो कप्तान के तौर पर ही खेलने की कल्पना कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि अब क्रिकेट छोड़ने और इंग्लैंड के लिए दोबारा नहीं खेलने के विचार को लेकर वह सहज हैं।
स्टोक्स ने हैरी ब्रूक को भी भविष्य के नेतृत्व के लिए मजबूत विकल्प बताया। उन्होंने कहा कि अगर किसी खिलाड़ी में कप्तानी और नेतृत्व की क्षमता नजर आती है तो उसे जिम्मेदारी देने में ज्यादा देर नहीं करनी चाहिए। उन्होंने जो रूट को टेस्ट कप्तान बनाए जाने पर अपनी हैरानी भी जाहिर की, क्योंकि पिछली सर्दियों की एशेज के लिए ब्रूक को उपकप्तान बनाया गया था।
हालांकि, स्टोक्स ने रूट के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वह उनके लिए सफलता की उम्मीद करते हैं। उन्होंने नए टेस्ट कोच स्टीफन फ्लेमिंग के साथ रूट के काम करने को लेकर भी सकारात्मक बात कही।
स्टोक्स ने 2022 से इंग्लैंड की टेस्ट टीम की कप्तानी संभाली थी। इस दौरान उन्होंने तत्कालीन मुख्य कोच ब्रेंडन मैकुलम के साथ मिलकर टीम की आक्रामक शैली को नई पहचान दी, जिसे 'बैजबॉल' के नाम से जाना गया। दोनों के कार्यकाल में इंग्लैंड ने टेस्ट क्रिकेट को आक्रामक अंदाज में खेलने पर जोर दिया।
बाद में मैकुलम के टेस्ट कोच पद से हटने और न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान स्टीफन फ्लेमिंग के नए टेस्ट कोच बनने के बाद इंग्लैंड के टेस्ट सेटअप में बदलाव आया। हालिया दौर में टीम के प्रदर्शन में भी गिरावट देखने को मिली और पिछले नौ टेस्ट में इंग्लैंड को सात मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा।
स्टोक्स के संन्यास के बाद उनके 2027 एशेज में लौटने की चर्चा जरूर हुई थी। ऑस्ट्रेलिया के कोच एंड्रयू मैकडोनाल्ड और इंग्लैंड के प्रबंध निदेशक रॉब की ने भी पहले संभावित वापसी की संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं किया था, लेकिन अब स्टोक्स ने खुद इस पर विराम लगा दिया है।
अब स्टोक्स का फोकस मैदान पर खिलाड़ी के रूप में वापसी के बजाय क्रिकेट की अगली भूमिका के लिए खुद को तैयार करने पर है। अगर उनका यह सपना पूरा होता है तो आने वाले वर्षों में वह इंग्लैंड की उसी टीम को ड्रेसिंग रूम के बाहर से दिशा देते नजर आ सकते हैं, जिसकी कप्तानी उन्होंने लंबे समय तक की।