शेयर बाजार में तेजी, डिफेंस-आईटी शेयरों ने संभाली कमान
मुंबई। भारतीय शेयर बाजार ने शुक्रवार को सकारात्मक वैश्विक संकेतों के बीच बढ़त के साथ कारोबार की शुरुआत की। शुरुआती सत्र में निवेशकों का रुझान खासतौर पर डिफेंस और आईटी शेयरों की ओर रहा। इसके चलते प्रमुख सूचकांक हरे निशान में कारोबार करते दिखाई दिए।
सुबह करीब 9:21 बजे सेंसेक्स 466 अंक यानी 0.61 प्रतिशत की बढ़त के साथ 76,619 के स्तर पर था, जबकि निफ्टी 46 अंक यानी 0.20 प्रतिशत चढ़कर 23,916 पर पहुंच गया। शुरुआती कारोबार में निफ्टी इंडिया डिफेंस इंडेक्स 0.89 प्रतिशत और निफ्टी आईटी इंडेक्स 0.56 प्रतिशत की बढ़त के साथ प्रमुख गेनर्स में शामिल रहे।
डिफेंस और आईटी के अलावा निफ्टी रियल्टी, फाइनेंशियल सर्विसेज, सर्विसेज, प्राइवेट बैंक, इंफ्रा, ऑयल एंड गैस और पीएसई इंडेक्स में भी खरीदारी का रुझान देखने को मिला। दूसरी ओर निफ्टी फार्मा, हेल्थकेयर, एनर्जी और कमोडिटीज इंडेक्स लाल निशान में कारोबार कर रहे थे।
व्यापक बाजार की बात करें तो मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में मिला-जुला रुख रहा। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स करीब सपाट रहकर 63,237 के आसपास कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 83 अंक यानी 0.42 प्रतिशत की मजबूती के साथ 20,134 के स्तर पर पहुंच गया।
सेंसेक्स के प्रमुख शेयरों में बजाज फिनसर्व, इंडिगो, ट्रेंट, इंफोसिस, टीसीएस, अदाणी पोर्ट्स, बजाज फाइनेंस, टेक महिंद्रा, बीईएल, एचडीएफसी बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट, टाइटन, एमएंडएम, आईटीसी, एसबीआई, एचसीएल टेक, एलएंडटी, पावर ग्रिड और टाटा स्टील में तेजी रही। वहीं एक्सिस बैंक, इटरनल, भारती एयरटेल और एचयूएल दबाव में रहे।
एशियाई बाजारों में भी शुक्रवार को सकारात्मक माहौल देखने को मिला। टोक्यो, शंघाई, हांगकांग, बैंकॉक और सियोल के प्रमुख बाजार हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। इससे पहले अमेरिकी बाजार भी मजबूती के साथ बंद हुए थे। डाउ जोंस में 1.18 प्रतिशत और नैस्डैक में 1.40 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, फिलहाल भारतीय बाजार के सामने घरेलू और वैश्विक स्तर पर अलग-अलग संकेत मौजूद हैं। घरेलू अर्थव्यवस्था की मजबूत स्थिति, 7.8 प्रतिशत की जीडीपी ग्रोथ और निजी निवेश में बढ़ोतरी बाजार के लिए सकारात्मक पहलू हैं।
हालांकि, अमेरिका, यूरोप, ब्रिटेन और जापान में बॉन्ड यील्ड बढ़ने से वैश्विक बाजारों पर दबाव का जोखिम बना हुआ है। यही वजह है कि घरेलू बाजार में तेजी के बावजूद निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं और वैश्विक घटनाक्रम पर लगातार नजर रख रहे हैं।