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PM मोदी की बिजली वाली पहल, गांवों से घरों तक पहुंची रोशनी

PM मोदी की बिजली वाली पहल, गांवों से घरों तक पहुंची रोशनी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूरे होने के मौके पर ‘मोदी स्टोरी’ ने बिजली के क्षेत्र में उनके काम से जुड़ी एक पोस्ट साझा की है। इसमें गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर शुरू हुई ज्योतिग्राम योजना से लेकर प्रधानमंत्री बनने के बाद देश में गांवों और घरों तक बिजली पहुंचाने के लिए चलाई गई योजनाओं का उल्लेख किया गया है।

पोस्ट में दावा किया गया है कि 2014 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के समय देश के 18,452 गांव ऐसे थे जहां बिजली नहीं पहुंची थी। इसके बाद शेष गांवों तक बिजली पहुंचाने को लेकर अभियान चलाया गया। हालांकि, केंद्रीय विद्युत मंत्रालय के आधिकारिक आंकड़ों में DDUGJY के तहत 18,374 गांवों के विद्युतीकरण की जानकारी दी गई है। मंत्रालय के अनुसार सभी आबाद गैर-विद्युतीकृत जनगणना गांवों का विद्युतीकरण 28 अप्रैल 2018 तक पूरा हो गया था।

गांवों के बाद घरों तक पहुंची बिजली

गांवों के विद्युतीकरण के बाद फोकस घर-घर बिजली कनेक्शन पहुंचाने पर किया गया। केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना यानी सौभाग्य शुरू की। बिजली मंत्रालय के अनुसार इस योजना की अवधि में कुल 2.86 करोड़ घरों का विद्युतीकरण किया गया। DDUGJY और सौभाग्य दोनों योजनाएं 31 मार्च 2022 को बंद हो चुकी हैं।

‘मोदी स्टोरी’ की पोस्ट में इसी बदलाव को गांवों से आगे बढ़कर घरों तक बिजली पहुंचाने की यात्रा के तौर पर पेश किया गया है। यानी सिर्फ गांव को विद्युतीकृत घोषित करने के बजाय घरों तक कनेक्शन पहुंचाने पर भी जोर दिया गया।

गुजरात में मुख्यमंत्री रहते शुरू हुई थी योजना

पोस्ट में नरेंद्र मोदी के गुजरात के मुख्यमंत्री रहने के दौरान शुरू हुई ज्योतिग्राम योजना का भी जिक्र किया गया है। इसके जरिए ग्रामीण इलाकों में बिजली आपूर्ति के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और गांवों तक बिजली पहुंचाने की पहल की गई थी।

पोस्ट के मुताबिक योजना के शुरुआती 1,000 दिनों में करीब 20 लाख बिजली के खंभे लगाए गए और लगभग एक लाख किलोमीटर बिजली लाइन बिछाई गई। इसमें 18 हजार से अधिक गांवों तक बिजली पहुंचने का दावा भी किया गया है।

एपीजे अब्दुल कलाम के दौरे का भी जिक्र

‘मोदी स्टोरी’ की पोस्ट में दावा किया गया है कि गुजरात की ज्योतिग्राम योजना के काम से प्रभावित होकर तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम गुजरात पहुंचे थे। पोस्ट के अनुसार उन्होंने ज्योतिग्राम योजना से जुड़े एक गांव का दौरा किया और योजना को राष्ट्र को समर्पित किया।

इस तरह पोस्ट में मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों को बिजली से जुड़े कामों की एक लंबी यात्रा से जोड़कर दिखाया गया है। इसमें गुजरात के मुख्यमंत्री के कार्यकाल की पहल से लेकर केंद्र सरकार की ग्रामीण विद्युतीकरण और घर-घर कनेक्शन वाली योजनाओं तक का क्रम बताया गया है।

28 अप्रैल 2018 तक सभी आबाद गैर-विद्युतीकृत गांवों का विद्युतीकरण

केंद्रीय विद्युत मंत्रालय के अनुसार देश के सभी आबाद गैर-विद्युतीकृत जनगणना गांव 28 अप्रैल 2018 तक विद्युतीकृत हो गए थे। मंत्रालय ने बताया है कि DDUGJY के तहत कुल 18,374 गांवों का विद्युतीकरण किया गया। इसके बाद सौभाग्य योजना के जरिए इच्छुक ग्रामीण और गरीब शहरी परिवारों तक बिजली कनेक्शन पहुंचाने का अभियान चलाया गया।

‘मोदी स्टोरी’ ने इस पूरी प्रक्रिया को प्रधानमंत्री मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों की सेवा यात्रा के एक अहम अध्याय के रूप में प्रस्तुत किया है। वहीं सरकारी आंकड़े गांवों के विद्युतीकरण और घरों तक कनेक्शन पहुंचाने के लिए अलग-अलग योजनाओं के परिणामों को स्पष्ट करते हैं।

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