मंगलदीप कॉम्प्लेक्स में फायरिंग मामला : संगठित अपराध में जुड़ा आरोपित गिरफ्तार
जोधपुर। कमिश्नरेट के जिला पश्चिम चौपासनी हाउसिंग बोर्ड पुलिस थाना क्षेत्र के पाल रोड स्थित मंगलदीप कॉम्पलैक्स में फायरिंग की घटना का पुलिस ने गुरूवार को खुलासा करते हुए संगठित अपराध से जुड़े आरोपित को गिरफ्तार किया है। आरोपित की निशानदेही पर पुलिस ने छह अवैध पिस्टल और 11 मैंगजीन को बरामद किया है। प्रकरण से जुड़े अन्य तलाश पुलिस कर रही है। मामले में दो लोगों का अस्पताल में उपचार जारी है। एक को अभी होश आना बाकी है। पुलिस की तरफ से हत्या प्रयास एवं आम्र्स एक्ट में मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस आयुक्त शरत कविराज, पुलिस उपायुक्त विनीत कुमार बंसल, डीसीपी ईस्ट पीडी. नित्या के निर्देशानुसार व एवं एडीसीपी वेस्ट रोशन मीणा (आईपीएस ) धन्नाराम की त्वरित अनुसंधान निष्पादन टीम व एसीपी प्रतापनगर रविन्द्र बोथरा, एसीपी पश्चिम छवि शर्मा के सुपरविजन में चौहाबोर्ड थानाधिकारी सुरेश चौधरी के नेतृत्व में मंगलदीप कॉम्प्लेक्स में फायरिंग की घटना की गंभीरता को देखते हुए तुरन्त खुलासा के लिए अलग-अलग टीमे गठित की गई।
उल्लेखनीय है कि पाल रोड स्थित मंगलदीप कॉम्पलैक्स के फ्लैट नं. 402 में फायरिंग की सूचना मिली थी। फ्लैट में छोटू सिंह पुत्र माधुसिंह निवासी सोलंकिया तला देवराजगढ़ व अनिल पुत्र जीवनराम निवासी रावत नगर, भदवासिया के अंदर मण्डोर रोड तथा देवेन्द्र उर्फ मनसा उर्फ मन्नु पुत्र भंवर सिंह निवासी जालम विलास पावटा जोधपुर के बीच में फायरिंग होने से छोटू सिंह घायल अवस्था में त्रिनय अस्पताल डाली बाई चौराए के पास भर्ती था। अनिल को एम्स अस्पताल आईसीयू वार्ड में भर्ती कराया गया था। चौपासनी हाउसिंग बोर्ड थाने के एएसआई अनिल कुमार की तरफ से मामला दर्ज कराया गया। मौके पर पुलिस ने एफएसएल और एमओबी को भी बुलाया था।
फायरिंग की इस घटना को देखते हुए घटनास्थल पर सीएसटी, डीएसटी पश्चिम व डीएसटी पूर्व, थानाधिकारी बोरानाडा, बासनी, शास्त्रीनगर, कुड़ी भगतासनी व माता का थान आदि को लगाया गया। पुलिस की टीमों ने 10-12 जगह दबिश दी। पुलिस ने अब संगठित अपराध से जुड़े आरोपित भावण्डा नागौर हाल ओमनगर माता का थान निवासी देवेन्द्र सिंह उर्फ मनसा पुत्र भंवरसिंह को जालोर जिले के आहोर से दस्तयाब किया है। आरोपू की निशादेही पर 6 अवैध पिस्टल मय 11 मैग्जीन बरामद किए गए। संगठित अपराध से जुड़े अन्य लोगों के बारे में पता लगाया जा रहा है।
पुलिस की अब तक की जांच में पता लगा कि घायल छोटू सिंह गैस पाइप लाइन पर किसी ठेका कंपनी पर कार्य करता है। अनिल और गिरफ्तार आरोपित देवेंद्र सिंह सीजिंग के कार्य से जुड़े है।
पुलिस के लिए फायरिंग का कारण अब तक पहेली बना हुआ है। फायरिंग किस बात को लेकर हुई इस पर पुलिस ने अब तक चुप्पी साध रखी है। कोई पुराना विवाद होने का भी संदेह जताया जाता है। घायल अनिल के होश में आने पर आगे खुलासे की उम्मीद है।