दिल्ली में पढ़ना सौभाग्य की बात- अभिभावक
मूण्डवा। बेटी को दिल्ली में पढ़ाने का सपना है जिसको साकार करने के लिए माँगना भी पड़े तो हम तैयार है। बेटी के सपनों को पंख देना ही सच्चा कन्यादान है। उक्त विचार रूपम साहित्य संस्थान मूण्डवा द्वारा आयोजित सेमिनार में साहसी अभिभावकों ने कही। दिल्ली विश्व विद्यालय में सी यू ई टी के माध्यम से चयनित विद्यार्थियों को 16 अगस्त को अपनी अपनी कालेजों में रिपोर्ट करनी है। इसके लिए पूर्व में अध्ययनरत सीनियर्स सुनिता ईनाणिया भगवती कंवर, लोकेश मुण्डेल, राकेश चौधरी उपाध्यक्ष रुपम संस्थान, कंवरीलाल जेठू महामंत्री रूपम संस्थान, भंवरलाल कासनियाँ संस्थापक रूपम संस्थान, सांवराराम बेडा विस्तारक रूपम संस्थान ने भी दिल्ली में रहकर पढ़ने के लाभ, अपेक्षित सावधानियों और अपने घर की पृष्ठभूमि को याद रखते हुए बिना दिखावे का सादगी भरा विद्यार्थी जीवन जीने की हिदायत दी। सभी चयनितों का परस्पर परिचय करवाया गया। अभिभावकों की जिज्ञासा को शांत करते हुए सभी को मंगल कामनाओं सहित विदाई दी। इस अवसर पर चयनित विद्यार्थियों ने निशुल्क कक्षाएँ लेने वाले टीम रूपम के सदस्यों और मार्गदर्शन सहित सहयोग करने वाले वरिष्ठ साथियों को स्मृति चिन्ह भेंट करके आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर अभिभावक ईश्वर ईनाणिया, परसाराम पंवार, गोपाल शर्मा, मुरलीधर शर्मा, नथूराम राव, शशिकला माहेश्वरी, भुटाराम भाकल, कालूखान, जयराम बारासा, प्रेम प्रकाश, सोहन राम मेघवाल, कैलाश बसवाणा और दुलाराम जान्गू उपस्थित रहे ।