भारत-अमेरिका ट्रेड डील से एमएसएमई को नई उड़ान : सीएआईटी
नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच हुए ट्रेड डील के पहले चरण को लेकर व्यापार जगत में सकारात्मक माहौल है। कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (सीएआईटी) ने इसे देश के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों के लिए बड़ी उपलब्धि बताया है। संगठन का कहना है कि इस समझौते से एमएसएमई सेक्टर को अंतरराष्ट्रीय बाजार में आगे बढ़ने का सुनहरा मौका मिलेगा।
सीएआईटी के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुआ यह समझौता भारत को वैश्विक आर्थिक ताकत बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम है। इससे भारत की छवि एक भरोसेमंद और प्रतिस्पर्धी कारोबारी साझेदार के रूप में और मजबूत होगी।
संगठन के सेक्रेटरी जनरल प्रवीण खंडेलवाल ने बताया कि इस ट्रेड डील से कई अहम सेक्टरों को सीधा लाभ मिलने वाला है। इसमें कपड़ा, रेडीमेड गारमेंट्स, चमड़ा, जूते, जेम्स एंड ज्वेलरी, सस्ती दवाइयां, ऑटो और विमान के पुर्जे, केमिकल, प्लास्टिक, रबर, होम डेकोर और हस्तशिल्प जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि अमेरिकी बाजार में बेहतर पहुंच और टैरिफ में संभावित राहत से भारतीय उत्पाद वहां ज्यादा प्रतिस्पर्धी बन सकेंगे। इससे निर्यात बढ़ेगा और कंपनियों को नई पहचान मिलेगी।
प्रवीण खंडेलवाल के मुताबिक यह समझौता एमएसएमई सेक्टर के लिए समय पर मिला जरूरी समर्थन है, क्योंकि यही क्षेत्र देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है। निर्यात बढ़ने से उत्पादन में तेजी आएगी और युवाओं व महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
सीएआईटी ने यह भी कहा कि इस ट्रेड डील से ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को मजबूती मिलेगी और भारतीय कंपनियां वैश्विक सप्लाई चेन का अहम हिस्सा बनेंगी। साथ ही यह समझौता कृषि और ग्रामीण क्षेत्रों के हितों की रक्षा भी करता है।
संगठन का मानना है कि यह व्यापार समझौता ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को हासिल करने में अहम भूमिका निभाएगा। सीएआईटी देश के करोड़ों व्यापारियों का प्रतिनिधित्व करता है और लंबे समय से छोटे व्यापारियों के हित में काम करता आ रहा है।