Dark Mode
गर्मी ने मार्च में ही दिखाया तेवर, राजस्थान के 8 जिलों में आंधी-बारिश की चेतावनी

गर्मी ने मार्च में ही दिखाया तेवर, राजस्थान के 8 जिलों में आंधी-बारिश की चेतावनी

जयपुर। राजस्थान में मार्च के महीने में ही गर्मी ने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। बुधवार को पश्चिमी राजस्थान के कई जिलों में लू का असर देखने को मिला। जैसलमेर, बाड़मेर और बालोतरा के इलाकों में अधिकतम तापमान 39 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच मापा गया।

मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में भी प्रदेश में तेज गर्मी का दौर जारी रह सकता है।

मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर ने 14 मार्च को प्रदेश के आठ जिलों में आंधी और हल्की बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। हालांकि गुरुवार को हीटवेव का असर नहीं रहने की संभावना जताई गई है। बुधवार को प्रदेश में सबसे अधिक तापमान बाड़मेर में 40.8 डिग्री सेल्सियस मापा गया। जैसलमेर में अधिकतम तापमान 39.1 डिग्री और फलोदी में 39.2 डिग्री रहा, जहां दिन के समय हीटवेव का असर रहा।

बाड़मेर में लगातार तीसरे दिन लू चली। इसके अलावा वनस्थली (टोंक) में 38.1 डिग्री, चित्तौड़गढ़ में 38.6 डिग्री, जोधपुर और चूरू में 38.1 डिग्री, भीलवाड़ा, उदयपुर और सिरोही में 37.2 डिग्री, दौसा में 37.3 डिग्री तथा कोटा और जयपुर में 37 डिग्री सेल्सियस तापमान मापा गया। इन शहरों में अधिकतम तापमान सामान्य से 5 से 7 डिग्री तक अधिक रहा, जिससे दिनभर तेज और झुलसाने वाली गर्मी महसूस की गई।

प्रदेश में हीटवेव की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सभी सरकारी अस्पतालों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।

अस्पतालों में आवश्यक दवाइयों का पर्याप्त स्टॉक रखने, कूलर-पंखे, एसी और पीने के पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए हैं।

इसके साथ ही मरीजों और उनके परिजनों को धूप से बचाने के लिए अस्पताल परिसरों में छाया (शेड) की व्यवस्था करने को कहा गया है। जिला अस्पतालों में 10 बेड, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) में तीन से छह और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) में कम से कम एक बेड हीटवेव प्रभावित मरीजों के लिए आरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं।

उत्तर भारत में सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ का असर बुधवार को राजस्थान के उत्तरी हिस्सों में देखने को मिला। श्रीगंगानगर, बीकानेर और हनुमानगढ़ में दोपहर बाद हल्के बादल छाए, जिससे तापमान में मामूली गिरावट आ गई।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार 12 मार्च से पश्चिमी हवाओं के कमजोर होने से हीटवेव से थोड़ी राहत मिल सकती है, हालांकि तापमान में बहुत ज्यादा गिरावट की संभावना नहीं है।

 

Comment / Reply From

You May Also Like

Newsletter

Subscribe to our mailing list to get the new updates!