आर.पी.टी.सी. जोधपुर के प्रशिक्षुओं को दिया सी.पी.आर. का प्रशिक्षण
जोधपुर। राजस्थान पुलिस प्रशिक्षण केंद्र, जोधपुर के प्रधानाचार्य डॉ महावीर सिंह राणावत ने बताया कि 02 जून से 09 जून तक संस्थान में सात दिवसीय सी.पी.आर. प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में आर.पी.टी.सी. जोधपुर में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे नव नियुक्त रिक्रूट कानिस्टेबलगण तथा प्लाटून कमाण्डर पद की प्रमोशन केडर कोर्स प्राप्त कर रहे लगभग 900 प्रशिक्षुओं को सी.पी.आर. (कार्डियो पल्मोनरी रिससीटेशन) की सघन जानकारी प्रदान करने के लिए सात दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम रखा गया। जीवन रक्षा तकनीक के रूप में सी.पी.आर. की व्यावहारिक व प्रायोगिक जानकारी प्रदान करने हेतु "सी.पी.आर. मैन" के नाम से पहचान रखने वाले सुप्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. राजेन्द्र तातेड ने सात दिन तक इस संस्थान में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे 900 प्रशिक्षुओं को इस तकनीक का गहन प्रायोगिक प्रशिक्षण प्रदान किया। इसके साथ ही डॉ. तातेड़ ने कार्डियक अरेस्ट, हार्ट अटैक तथा हार्ट फैल से संबंधित जानकारी प्रशिक्षुओं को प्रदान कर उनका ज्ञानवर्धन किया। इस प्रशिक्षण सत्र में प्रशिक्षुओं ने वयस्कों के साथ ही शिशुओं को सी.पी.आर. देने तथा पानी में डूब जाने या बिजली का झटका लग जाने अथवा भगदड़ में फंस जाने से कार्डियक अरेस्ट का शिकार हुए पीड़ितों की जीवन रक्षा हेतु सी.पी.आर. की तकनीकों पर प्रायोगिक अभ्यास करवाया। डॉ. राजेन्द्र तातेड, पिछले 12 वर्षों से अनवरत जीवन रक्षक सी.पी. आर. प्रशिक्षण प्रदान कर रहे है तथा लगभग 700 प्रशिक्षण कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में लोगों को सी.पी.आर. प्रशिक्षण प्रदान कर चुके है। कार्यक्रम के समापन समारोह में प्रधानाचाय डॉ महावीर सिंह राणावत ने पुलिस कार्मिकों को अपनी ड्यूटी के दौरान आमजन की जीवन रक्षा के लिये इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों की आवश्यकता को रेखांकित करते हुए, प्राथमिक उपचार और सी.पी. आर. की जानकारी का अधिकाधिक प्रचार-प्रसार करने पर बल दिया। कार्यक्रम में आरपीटीसी, जोधपुर के कमान्डेंट गोपाल सिंह भाटी तथा उप पुलिस अधीक्षक निशा भटनागर ने सभी का आभार व्यक्त किया। प्रशिक्षण कार्यक्रम का समन्वय एवं संचालन पंकज राज माथुर, पुलिस निरीक्षक ने किया।