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चल पशु चिकत्सा ईकाई कॉल सेंटर 1962 का कलेक्टर ने किया शुभारंभ

चल पशु चिकत्सा ईकाई कॉल सेंटर 1962 का कलेक्टर ने किया शुभारंभ

  • पशुपालक के द्वार पर पशु चिकित्सा पहुचेंगी

पाली। जिला कलेक्टर एल एन मंत्री ने आज बुधवार को जिला कलेक्टर कार्यालय में चल पशु चिकित्सा यूनिट मोबाइल यूनिट कॉल सेंटर 1962 का शुभारंभ किया ।इस अवसर पर उन्होंने कहा की इससे पशुओं को लाभ मिलेगा और ये मोबाइल यूनिट कॉल सेंटर के माध्यम से कार्य करेगा इसमें पशुओ को घर बैठे ईलाज प्राप्त होंगा। साथ ही कहा कि जयपुर स्थित कॉल सेंटर में फोन के माध्यम से पशुओं को चिकित्सा मुहैया कराएगा। पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ मनोज पंवार ने बताया की जिले में 20 मोबाइल यूनिट कार्य करेगी । इस अवसर पर पाली विधायक भीमराज भाटी और पशुपालन विभाग के कार्मिक मौजूद रहे।
योजना का संक्षिप्त परिचय
भारत सरकार द्वारा पशुपालकों के द्वार पर पशु चिकित्सा सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के उद्देश्य से लगभग एक लाख पशुधन पर एक यूनिट के आधार पर राज्य हेतु 536 मोबाईल पशु चिकित्सा वाहन हेतु राशि उपलब्ध कराई गई थी। विभाग द्वारा 536 फैब्रिकेटेड मोबाईल वैटेरीनरी यूनिट वाहन क्रय कर संचालनकर्ता फर्मों के माध्यम से राज्य भर में संचालित किए जा रहे हैं।योजना का मूल उद्देश्य राज्य में पशु चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार हेतु मोबाईल पशु चिकित्सा इकाईयों के माध्यम से पशुपालक के द्वार पर पशु चिकित्सा, रोग निदान, प्रसार आदि सेवाओं को पहुंचाना है। इन मोबाईल वैटरनरी यूनिट्स को राज्य के विभिन्न स्थ.ानों पर स्थापित किया गया है जिससे संपूर्ण क्षेत्र में पशु चिकित्सा सेवाएं प्रदान की जा सकें।

योजनानुसार वाहनों का संचालन राज्य में एक एकीकृत कॉल सेंटर के माध्यम से टॉल फ्री नंबर (ैवतज बवकम 1962) पर प्राप्त कॉल के अनुसार किया जाना है। एकीकृत कॉल सेंटर की स्थापना पशुपालन विभाग के राजस्थान राज्य पशुधन प्रबंधन प्रशिक्षण संस्थान (त्ैस्डज्प्), आगरा रोड, जयपुर में की गई है। कॉल सेंटर का सेटअप एवं प्रबंधन ठथ्प्स. ;ठींतंज थ्पदंदबपंस प्दबसनेपवद स्जकण्द्ध के द्वारा ब्ैत् के माध्यम से किया जा रहा है।राज्य में योजना का संचालन भारत सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा 60ः40 के अनुपात में व्यय कर कियाजा रहा है। कॉल सेंटर पर आवर्ती व्यय राज्य सरकार द्वारा एव ब्ैत् के तहत ठथ्प्स् द्वारा किया जा रहा है। कॉल सेंटर का संचालन प्रतिदिन (बिना किसी अवकाश के) प्रातः 8ः30 से सांय 4ः30 बजे तक तथा मोबाईल वैटरनरी यूनिट्स का संचालन प्रतिदिन (बिना किसी अवकाश के) प्रातः 9ः00 से सांय 5ः00 बजे तक किया जाएगा।संचालन की वर्तमान व्यवस्था एवं स्थिति कॉल सेंटर की स्थापना प्रक्रियाधीन होने के कारण मोबाईल वैटेरीनरी यूनिट्स की सेवाएं पशुपालकों को यथाशीघ्र प्रदान किए जाने के उद्देश्य से संचालन कार्य का लोकार्पण दिनांक 24 फरवरी 2024 को मुख्यमंत्री द्वारा किया जा चुका है एवं मोबाईल वैटरनरी यूनिट्स की सेवाएं शिविरों के माध्यम से प्रदान की जा रही हैं। मोबाईल वैटेरीनरी यूनिट्स पर एक पशु चिकित्सक, एक पैरावैट तथा एक ड्राईवर कम हैल्पर (कुल 03 स्टाफ) संचालनकर्ता फर्मों द्वारा नियुक्त किए गए हैं। मोबाईल वैटेरीनरी यूनिट्स द्वारा विभाग के निर्देशानुसार विभागीय संस्थाविहीन एवं दूरस्थ ग्रामों में प्रतिदिन दो शिविर आयोजित किये जा रहे हैं।योजना प्रारम्भ होने से माह सितम्बर 2024 के अंत तक प्रदेश में मोबाईल वैटेरीनरी यूनिट्स द्वारा 161934 शिविरों के माध्यम से 27.48 लाख से अधिक पशुओं को उपचारित करते हुए लगभग 6.86 लाख पशु पालकों को लाभान्वित किया गया है। कॉल सेंटर के लोकार्पण दिनांक 09 अक्टूबर से प्रदेश की समस्त मोबाईल वेटेरीनरी यूनिट्स का संचालन शिविर आयोजन के स्थान पर हैल्पलाईन नंबर 1962 पर प्राप्त पशुपालकों की कॉल्स के अनुसार उनके घर पर पशु चिकित्सा सेवा प्रदान करने हेतु किया जाएगा।
कॉल सेंटर प्रक्रिया
पशुपालक द्वारा अपने पशु के रोगी होने पर कॉल सेंटर के हैल्पलाईन नंबर 1962 पर सूचना दर्ज कराई जाएगी।
कॉल सेंटर के ब्ैव द्वारा पशुपालक के नाम, ग्राम, पशु एवं रोग के लक्षण आदि की जानकारी प्राप्त कर ेलेजमउ पर दर्ज की जाएगी एवं लक्षणों के आधार पर सिस्टम में पूर्व से संधारित डाटा अनुसार एवं/अथवा कॉल सेंटर पर उपस्थित पशु चिकित्सक की सलाह अनुसार टिकट जनरेट किया जाएगा।
सूचना का एक जमÛज उमेंहम पशुपालक के फोन पर तथा एक जमÛज उमेंहम संबंधित ग्राम से उंचचमक मोबाईल वैटेरीनरी यूनिट के पशु चिकित्सक के फोन पर जाएगा। इसके साथ ही विवरण पशु चिकित्सक के फोन पर उपलब्ध उव.इपसम ंचचसपबंजपवद पर भी प्रदर्शित होगा।
पशु चिकित्सक तत्काल ंचचवपदजउमदज बुक करते हुए रोगी पशु के स्थान हेतु प्रस्थान करेगा। मोबाईल वैटेरीनरी यूनिट पर उपलब्ध ळच्ै तथा उवइपसम कमअपबम पर उपलब्ध ंचचसपबंजपवद की जतंबापदह कॉल सेंटर द्वारा की जाएगी। पशु चिकित्सक यथोचित उपचार कर ंचचसपबंजपवद पर दर्ज करेगा तथा इसके उपरांत दूसरे टिकट अनुसार प्रस्थान करेगा।

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