कार बाजार में रिकॉर्ड रफ्तार, पीयूष गोयल बोले- विकास की पटरी पर दौड़ रहा भारत
नई दिल्ली। भारत के ऑटोमोबाइल क्षेत्र ने मई 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए नई ऊंचाइयों को छुआ है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने यात्री वाहन बिक्री के ताजा आंकड़ों को देश की मजबूत आर्थिक स्थिति और बढ़ते उपभोक्ता विश्वास का संकेत बताया है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए संदेश में मंत्री ने कहा कि मई 2026 के दौरान देश में करीब 4.4 लाख यात्री वाहनों की बिक्री हुई। यह आंकड़ा पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 23 प्रतिशत अधिक है, जो ऑटो सेक्टर में मजबूत मांग को दर्शाता है।
पीयूष गोयल के अनुसार, इस वृद्धि में प्रमुख वाहन निर्माता कंपनियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। खासतौर पर मारुति सुजुकी, टाटा मोटर्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा ने बाजार को गति देने में अहम योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बावजूद भारतीय उपभोक्ताओं का भरोसा मजबूत बना हुआ है।
मंत्री ने इस सफलता को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मेक इन इंडिया’ अभियान से भी जोड़ा। उनके मुताबिक, देश में निर्मित वाहनों की बढ़ती मांग इस बात का प्रमाण है कि भारतीय उपभोक्ता घरेलू विनिर्माण पर पहले से अधिक भरोसा जता रहे हैं। इससे देश के औद्योगिक और विनिर्माण क्षेत्र को भी नई मजबूती मिल रही है।
उन्होंने कहा कि ऑटोमोबाइल उद्योग की यह प्रगति केवल बिक्री के आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह नवाचार, उद्यमशीलता और विकसित भारत के सपने की दिशा में आगे बढ़ रहे देश की तस्वीर भी पेश करती है। उनके अनुसार, 140 करोड़ भारतीयों की आकांक्षाएं और नई सोच भारत की विकास यात्रा को गति दे रही हैं।
इस बीच, देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी Maruti Suzuki India ने भी मई में घरेलू बाजार में अपनी अब तक की सबसे बड़ी मासिक बिक्री दर्ज की। कंपनी ने डीलरों को 1,90,337 यात्री वाहन भेजे, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 40 प्रतिशत अधिक है।
मारुति सुजुकी ने इस प्रदर्शन के साथ अप्रैल में बनाए गए अपने पुराने रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत मांग, बेहतर आर्थिक माहौल और उपभोक्ताओं के बढ़ते विश्वास के चलते आने वाले महीनों में भी ऑटोमोबाइल क्षेत्र की रफ्तार बनी रह सकती है।
भारत के वाहन बाजार में आई यह तेजी देश की अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है और इससे विनिर्माण, रोजगार तथा निवेश के अवसरों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।