भीलवाड़ा : आज और कल रहेगा पूर्ण चंद्रग्रहण
- यह चन्द्रग्रहण रविवार और सोमवार के दिन कुंभ राशि और शतभिषा नक्षत्र में होगा, जो भारत समेत नेपाल, बांग्लादेश, पाकिस्तान, यूरोप, अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया में स्पष्ट रूप से दिखाई देगा
भीलवाड़ा। तय समय मानकों के तहत समय-समय पर वर्षभर में चंद्र व सूर्यग्रहण आतें रहतें हैं। इस बार भी आज रविवार व कल सोमवार को पूर्ण चंद्रग्रहण होने वाला हैं। जो की कुंभ राशि और शतभिषा नक्षत्र में होगा, और भारत समेत नेपाल, बांग्लादेश, पाकिस्तान, यूरोप, अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया में स्पष्ट रूप से दिखाई भी देगा। भारत में इस ग्रहण का सूतक काल रविवार 7 सितंबर की दोपहर 12:57 बजे से शुरू होकर सोमवार 8 सितंबर की सुबह 1:26 तक रहेगा। ज्योतिषाचार्य पण्डित योगेंद्र शर्मा बतातें हैं कि इस चंद्रग्रहण से राशियों पर भी प्रभाव पड़ेंगें।
मेष, मित्रों का सहयोग, पर खर्च बढ़ेगा।
वृषभ, पारिवारिक जीवन में सुधार।
मिथुन, नौकरी-व्यवसाय में उतार-चढ़ाव।
कर्क, मानसिक तनाव और थकान।
सिंह, दांपत्य जीवन में तनाव।
कन्या, निर्णय क्षमता मजबूत।
तुला, अनावश्यक चिंता।
वृश्चिक, पुरानी बीमारी उभर सकती हैं।
धनु, अप्रत्याशित धन लाभ।
मकर, खर्च में वृद्धि।
कुम्भ, गहन मानसिक दबाव।
मीन, धन हानि का डर।
इत्यादि प्रमुखता से होंगे।
इसी तरह पण्डित शर्मा बतातें हैं कि इस ग्रहण से भौगोलिक प्रभाव भी पड़ेगा। जिसमें भारत और दक्षिण एशिया में धार्मिक दृष्टि से सूतक का पालन आवश्यक। यूरोप और अफ्रीका में प्राकृतिक घटनाओं की संभावना। ऑस्ट्रेलिया व एशिया-प्रशांत क्षेत्र में जल से जुड़ी समस्याएँ संभव।
पण्डित योगेंद्र शर्मा ने ग्रहण के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए की आगामी 21 सितंबर रविवार को आंशिक सूर्यग्रहण भी पड़ेगा। और यह ग्रहण कन्या राशि में होगा। वही यह केवल अंटार्कटिका, न्यूज़ीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के कुछ हिस्सों में ही दिखाई देगा। ये ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए सूतक काल लागू नहीं होगा। जबकि इससे राशियों पर प्रभाव तो इस प्रकार से रहेगा ही।
मेष, नए कार्य की शुरुआत। वृषभ, संतान से जुड़े निर्णय।
मिथुन, घर-परिवार में परिवर्तन।
कर्क, छोटी यात्राएँ लाभकारी।
सिंह, वित्तीय उतार-चढ़ाव।
कन्या, आत्मविश्वास बढ़ेगा।
तुला, विदेश से लाभ।
वृश्चिक, मित्रों से मतभेद।
धनु, करियर में उन्नति।
मकर, शिक्षा और भाग्य में सफलता।
कुम्भ, ऋण का दबाव।
मीन, दांपत्य जीवन में सुधार।
इत्यादि प्रमुखता से होंगे।
इसी तरह पण्डित शर्मा बतातें हैं कि इस ग्रहण से भौगोलिक प्रभाव भी पड़ेगा। जिसमें ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड के तटीय क्षेत्रों में ज्वार-भाटा और मौसम में बदलाव। अंटार्कटिका के आसपास जलवायु संकेत। हालांकि इसका भारत और यूरोप पर कोई सीधा प्रभाव नहीं पड़ेगा। पण्डित शर्मा ने ये भी साफ किया हैं कि ग्रहण कॉल का निष्कर्ष इस प्रकार रहेगा जिसमें सितंबर का मुख्य प्रभाव भारत में चंद्रग्रहण का रहेगा। सूर्यग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए ये चिंता की बात नहीं हैं। जबकि कुंभ, मीन, कन्या और धनु राशि वालों को विशेष सतर्क रहने की जरूरत हैं। वही ग्रहण के समय जप-तप, ध्यान और दान करने से ग्रहण दोष का शमन भी संभव बताया गया हैं।