हार्टफुलनैस संस्था के वैश्विक मार्गदर्शक पूज्य दाजी का अजमेर आगमन
अजमेर। लोक कल्याण को समर्पित सुप्रतिष्ठित हार्टफुलनैस संस्था के वैश्विक मार्गदर्शक पूज्य दाजी के अजमेर आगमन एवं उनके सानिध्य में ध्यान सत्र को लेकर तैयारियों बाबत एक विशेष बैठक का आयोजन रविवार को किया गया। कार्यक्रम समन्वयक के.के. शर्मा (सेवानिवृत आईएएस) ने बैठक में अपने विचार व्यक्त करते हुए बताया कि दाजी आध्यात्मिकता के क्षेत्र में मानवता के उत्थान के लिये दीर्घावधि से कार्य कर रहे है। आधुनिकता के अंधानुकरण, आपाधापी एवं प्रतिस्पर्धा युक्त जीवन शैली में आज प्रत्येक मनुष्य जाने-अनजाने भय, निराशा, क्रोध, तनाव एवं असंतोष की स्थिति का सामना कर रहा है। इस स्थिति से सहज रूप से उबरने अर्थात व्यक्तित्व के विकास में ध्यान एवं रिलेक्सेशन की अत्यधिक महत्वपूर्ण भूमिका है। इसी उद्देश्य को लेकर हार्टफुलनैस संस्था व्यापक जनहित में निःशुल्क अपनी सेवायें जन सामान्य को प्रदान कर रही है। ध्यान एवं रिलेक्सेशन के आश्चर्यजनक दिव्य अनुभव साधकों को प्राप्त हो रहे है। जोनल समन्वयक मुकेश पटेल ने जानकारी दी कि हार्टफुलनैस ध्यान एवं अन्र्तमन से जुडी एक हृदय आधारित अभ्यास है जिसमें प्राणाहूति के माध्यम से स्वं से जुडाव होता है। मानव सेवा से जुडी हार्टफुलनेस संस्था का कार्यक्षेत्र राष्ट्रीय स्तर तक ही सीमित नहीं है अपितु वसुधैव कुटुम्बकम के भाव से ओतप्रात होकर यह संस्था सम्पूर्ण जगत के हित के कार्य कर रही है। आज विश्व के 170 से अधिक देशों में करीब 20 हजार प्रशिक्षक संस्था के माध्यम से ध्यान सेवायें दे रहे हैं। ध्यान एवं रिलेक्सेशन जनमानस के लिये उपयोगी सिद्ध हो रहे है। माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के संयुक्त निदेशक महावीर प्रसाद शर्मा ने संस्था की जनकल्याणकारी गतिविधियों पर प्रकाश डालते हुए पूज्य दाजी का परिचय देते हुए बताया कि दाजी ( कमलेश डी. पटेल) हार्टफुलनैस संस्था के वैश्विक मार्गदर्शक तथा रामचन्द्र मिशन संस्था के अध्यक्ष है। आध्यात्मिकता के क्षेत्र में आप पद्मभूषण से सम्मानित है। दाजी ध्यान के अतिरिक्त वैश्विक स्तर पर योग, शिक्षा, पर्यावरण, चिकित्सा, पॉटरी, पोलेरिटी आदि के क्षेत्र में सक्रिय है। दाजी आध्यात्मिकता एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण के अनूठे संगम से लोगों के व्यक्तित्व का विकास कर रहे है। मेडीकल कॉलेज के वरिष्ठ आचार्य डॉ. विकास सक्सेना ने बताया कि दाजी के सानिध्य में संस्था से जुडे साधकों सहित आम शहरवासियों के लिये ध्यान के दो प्रमुख सत्र रहेगें। 26 मार्च को सायं 5 बजे तथा 27 मार्च को प्रातः 7 बजे ध्यान के सत्र है। यह समस्त कार्यक्रम वरूण सागर (फॉय सागर) रोड स्थित होटल ग्रेंड जीनिया में सम्पन्न होंगे। डॉ. मनीषा सक्सेना ने ध्यान के सुखद अनुभव से लाभान्वित होने हेतु शहरवासियों से अधिक से अधिक संख्या में पधारने की अपील की। बैठक में गिरीश गुप्ता, मति अमिन्दर मैक, भगवान सहाय, शैलेष गौड, अंकुर तिलक सहित अजमेर, ब्यावर, किशनगढ़ आदि क्षेत्रों के साधकों व गणमान्य लोगों ने भाग लिया।