पेन्टेड बग एवं आरामक्खी से सतर्क रहने की सलाह
बारां। कृषि विभाग ने किसानों को सरसों की फसल में पेन्टेड बग कीट व आरा मक्खी से सतर्क रहने की सलाह दी है। पेन्टेड बग का प्रकोप सरसों फसल के अंकुरण के तुरन्त बाद हो जाता हैं। जो 7-10 दिन की अवस्था में पौधे की पत्तियों का रस चूसकर फसल को पूरी तरह नष्ट कर देता है।
संयुक्त निदेशक कृषि विस्तार अतीश कुमार शर्मा ने बताया कि आरा मक्खी कीट सरसों फसल के अंकुरण के 25-30 दिन में अधिक नुकसान पहुंचाता है। इस कीट की सूण्डी ही फसल को नुकसान पहुंचाती है तथा पौधे को पत्ती रहित कर देती है। केवल डण्ठल छोड़ती है। फसल की प्रारम्भिक अवस्था में निगरानी आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि कीट नियंत्रण के लिए बुवाई से पूर्व फसल के अवशेषों व खरपतवारों को नष्ट व बीजोपचार कर बुवाई कराना चाहिए। पेन्टेड बग एवं आरामक्खी कीट का प्रकोप आर्थिक क्षति स्तर से अधिक होने पर रोकथाम के लिए सुबह-शाम कीटनाशी रसायन का छिड़काव, भुरकाव किया जाना चाहिए। सरसों फसल में पेन्टेड बग कीट नियंत्रण के लिए थायोमिथेक्साम 30 एफ.एस. 5.0 ग्राम या इमिडाक्लोपिड 48 एफ.एस. 6.0 ग्राम प्रति किलो बीज की दर से बीजोपचार कर बुवाई करना प्रभावी रहता है। पेन्टेड बग एवं आरामक्खी कीट की रोकथाम के लिए क्यूनालफॉस 1.5 प्रतिशत या मैलाथियॉन 5 प्रतिशत या मिथाइल पैराथियॉन 2 प्रतिशत या कारबेरिल 5 प्रतिशत चूर्ण 20-25 किलो प्रति हैक्टर की दर से प्रातः या सांयंकाल भुरकाव लाभदायक रहता है।