5 सेट के थ्रिलर में ज्वेरेव का कमाल, आखिरकार जीता पहला ग्रैंड स्लैम
पेरिस। वर्षों के इंतजार और कई बड़े फाइनल में मिली निराशाओं के बाद आखिरकार अलेक्जेंडर ज्वेरेव ने ग्रैंड स्लैम जीतने का सपना पूरा कर लिया। जर्मन स्टार ने फ्रेंच ओपन के पुरुष एकल फाइनल में इटली के फ्लेवियो कोबोली को 6-1, 4-6, 6-4, 6-7 (5), 6-1 से हराकर अपने करियर का पहला ग्रैंड स्लैम खिताब हासिल किया।
कोर्ट फिलिप-चैट्रियर पर खेला गया यह मुकाबला चार घंटे 20 मिनट तक चला, जिसमें दोनों खिलाड़ियों ने शानदार जुझारूपन दिखाया। ज्वेरेव मैच में बढ़त बनाने के बाद भी दबाव में आए, लेकिन निर्णायक सेट में उन्होंने दमदार प्रदर्शन कर जीत सुनिश्चित की।
मुकाबले की शुरुआत पूरी तरह ज्वेरेव के पक्ष में रही। उन्होंने पहले ही सेट में आक्रामक खेल दिखाते हुए कोबोली को संभलने का मौका नहीं दिया। मजबूत सर्विस और सटीक ग्राउंडस्ट्रोक्स के दम पर जर्मन खिलाड़ी ने पहला सेट आसानी से अपने नाम कर लिया।
हालांकि, अपने पहले ग्रैंड स्लैम फाइनल में खेल रहे फ्लेवियो कोबोली ने हार नहीं मानी। दूसरे सेट में उन्होंने रणनीति बदली और आक्रामक खेल दिखाते हुए मुकाबले में वापसी की। महत्वपूर्ण मौकों पर अंक जुटाकर उन्होंने सेट जीत लिया और मैच को बराबरी पर ला खड़ा किया।
तीसरे सेट में दोनों खिलाड़ियों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली। लंबे समय तक कोई भी खिलाड़ी बढ़त नहीं बना सका, लेकिन आखिर में कोबोली की कुछ गलतियों का फायदा उठाकर ज्वेरेव ने सेट अपने नाम कर लिया और फिर से बढ़त हासिल कर ली।
चौथे सेट में इटली के खिलाड़ी ने जबरदस्त संघर्ष किया। टाई-ब्रेक तक पहुंचे इस सेट में कोबोली ने पीछे रहने के बावजूद शानदार वापसी की और मैच को पांचवें तथा निर्णायक सेट तक खींच लिया। उस समय ऐसा लग रहा था कि मुकाबले का रुख पूरी तरह बदल चुका है।
लेकिन अंतिम सेट में ज्वेरेव ने अपने अनुभव का पूरा फायदा उठाया। उन्होंने शुरुआत से ही दबाव बनाया, कोबोली की सर्विस तोड़ी और लगातार आक्रामक खेल जारी रखा। शानदार सर्विस और बेहतरीन शॉट चयन के दम पर उन्होंने निर्णायक सेट 6-1 से जीतकर खिताब अपने नाम कर लिया।
यह जीत ज्वेरेव के करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हो गई है। इससे पहले वह कई बार ग्रैंड स्लैम फाइनल तक पहुंचे थे, लेकिन खिताब जीतने से चूक गए थे। अब उन्होंने अपने शानदार करियर में वह उपलब्धि भी जोड़ ली, जिसका लंबे समय से इंतजार था।
इस सफलता के साथ ज्वेरेव जर्मनी के लिए भी एक विशेष उपलब्धि हासिल करने में सफल रहे। उनकी यह जीत जर्मन टेनिस के लिए एक यादगार पल मानी जा रही है और उन्होंने अपने नाम इतिहास का एक नया अध्याय दर्ज करा दिया।