महारानी ने बैग रखा तो सभा खत्म:डायना पर्स से डीपनेक छिपातीं, मायावती भी बैग की शौकीन; 31 करोड़ का सबसे महंगा पर्स
ब्रिटेन की दिवंगत महारानी एलिजाबेथ के बारे में एक बात मशहूर थी कि उनका हैंडबैग उनकी औपचारिक मुलाकातों में बहुत कुछ तय करता था। मसलन, उन्होंने एक हाथ से दूसरे हाथ में बैग बदला तो उन्हें किसी सहायक की जरूरत है। रानी ने बैग जमीन पर रख दिया, तो सभा उसी समय खत्म हो जाएगी।
अब सवाल यह है कि चार्ल्स के राजा बनने के बाद इस प्रोटोकॉल का क्या होगा। अब किंग चार्ल्स जेब से वॉलेट निकालकर फर्श पर रखने से तो रहे और हमें नहीं लगता कि वे ब्रीफकेस लेकर लोगों से मिलने जाएंगे। यूनिसेक्स फैशन में डूबती जा रही दुनिया में बैग एक ऐसी चीज़ है जिससे जुड़े हुए सामान्य नियम महिलाओं और पुरुषों के लिए बिल्कुल अलग-अलग हैं।
दुनिया का सबसे महंगा हैंडबैग 31 करोड़ रुपए से ज्यादा का है, जिसमें 1001 हीरे जड़े हैं। यह बैग अमेरिकी कंपनी माउवाद ने बनाया है। चलिए, हैंडबैग से जुड़े तमाम पहलुओं पर बात करते हैं। साथ ही, ये भी समझेंगे कि आखिर अमीर लोग लाखों रुपए देकर कपड़े का झोला या लेदर बैग क्यों खरीदते हैं।
पुराना पिट्ठू बैग, आज बन गया बैकपैक
पीठ पर बोझा ढोने का काम इंसान सभ्यता के विकसित होने के पहले से करता आ रहा है। बैक-पैक इसी का मॉडर्न और आरामदायक रूप है। हम यहां सफ़र वाले बेहद बड़े या किसी खेल के लिए खास तौर पर बने बैकपैक की बात नहीं कर रहे हैं। रोज़मर्रा के जीवन और कॉलेज या ऑफ़िस के बैकपैक में सबसे बड़ा अंतर पुरुषों और महिलाओं के इस्तेमाल का है।
बैकपैक वाली महिलाओं की आत्मनिर्भर और आत्मविश्वास वाली छवि
बैकपैक की छवि अकेले सफ़र करने, आत्मनिर्भर होने के साथ जुड़ी है, तो बैकपैक के साथ सफ़र करती लड़कियां या महिलाएं कॉन्फ़िडेंट नज़र आती हैं। वहीं कॉलेज जाने वाले या नौकरी में शुरुआती स्तर पर काम कर रहे लड़के अक्सर बैकपैक इस्तेमाल करते हैं। इसीलिए माना जाता है कि मैच्योर दिखने के लिए लड़कों को रोज़मर्रा के काम में बैकपैक नहीं लेना चाहिए। अब ऑफ़िस जाते वक्त अगर आपको बैकपैक लेना है, तो कोई समस्या नहीं है।
कॉलेज और ऑफिस के लिए डेनिम, कैनवास या लेदर बैग
हां स्कूल-कॉलेज वाले रैग्ज़ीन के बैग की जगह कैनवास या मोटे डेनिम के कपड़े वाला बैग ले सकते हैं। इस तरह के नीले, ऑलिव ग्रीन या ब्राउन कपड़े और लेदर के मिले-जुले बैकपैक हर मौके पर शानदार नज़र आते हैं। जिन जगहों पर बैग के साथ स्टाइल मारना हो, वहां बैकपैक को एक कंधे पर लटकाया जा सकता है, जो आपको कूल लुक देता है। एक बात याद रखें लोकल ट्रेन के जनरल डिब्बों में बैग सामने लटकाकर ही चलें, नहीं तो कोई पीछे से खींचकर आपको ट्रेन में चढ़ने से रोक देगा या पीछे से सामान कब गायब हो जाएगा पता ही नहीं चलेगा।
क्या आप भी सोचते हैं कि तीन हैंडबैग क्यों रखती हैं महिलाएं?
हैंडबैग और पर्स ये दोनों शब्द आजकल एक दूसरे के पर्यायवाची की तरह इस्तेमाल होते हैं। हालांकि, दोनों में बुनियादी फर्क है। हैंडबैग वो बैग है जिसे हाथ में पकड़ा या कंधे पर लटकाया जाता है। वहीं पर्स का मतलब जिसमें सिर्फ पैसे रखे हों।
कई लोग कहते हैं कि महिलाएं एक साथ तीन पर्स रखती हैं। वो इस तरह कि हैंडबैग के अंदर सबसे छोटा पर्स जिसमें सिर्फ़ पैसे होंगे। दूसरे नंबर के पर्स में टॉयलेट्रीज़ और मेकअप का सामान। यह भी हैंडबैग के अंदर। यानी एक बड़े हैंडबैग में जरूरी सामान के साथ अंदर छोटे 2 पर्स।