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वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग समीक्षा बैठक-रेफरल सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए ऑनलाइन सेतु एप होगा लागू

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग समीक्षा बैठक-रेफरल सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए ऑनलाइन सेतु एप होगा लागू

आरबीएसके के तहत बच्चों की स्क्रीनिंग एवं उपचार में गति लाने के निर्देश—अलवर के निजी निशु हॉस्पिटल का पंजीकरण निरस्त किया

जयपुर। प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य श्रीमती गायत्री राठौड़ ने कहा कि रेफरल सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए आईएचएमएस सॉफ्टवेयर के माध्यम से तैयार किया गया ऑनलाइन सेतु एप को जिला अस्पताल से लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं एम्बुलेंस में उपयोग में लेने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस सेतु एप के माध्यम से रेफरल होने के बाद उच्च चिकित्सा संस्थान में पूर्व में ही आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित की जा सकेंगी तथा क्यूआर कोड के माध्यम से रेफर संस्थान को मरीज के पहुंचने से पूर्व ही मरीज की रिपोर्ट प्राप्त होगी, जिससे इलाज की तैयारी पूर्व में हो सके। मुख शासन सचिव ने मंगलवार को स्वास्थ्य भवन से आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान मातृ मृत्यु के मामलों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने संबंधित चिकित्सकों के साथ उपचार व्यवस्था एवं प्रोटोकॉल पर चर्चा करते हुए आवश्यक सुधारात्मक निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि चिकित्सा संस्थान स्तर पर संबंधित चिकित्सा प्रभारी एवं ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी द्वारा उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं के ब्लड प्रेशर, हीमोग्लोबिन, हाइपर टेंशन, वजन एवं आवश्यकतानुसार सोनोग्राफी जांच सुनिश्चित की जाए। श्रीमती राठौड़ ने प्रसव पूर्व जांच सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए संस्थान स्तर पर आयोजित होने वाले प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस अभियान में प्रत्येक गर्भवती महिला की हर महीने में स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित की जाए। साथ ही उन्होंने उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की जांच के साथ ही सघन मॉनिटरिंग करते हुए सुरक्षित प्रसव पर विशेष बल दिया।

बैठक में प्रमुख शासन सचिव ने बीकानेर, उदयपुर, कोटा, जोधपुर, बूंदी, डूंगरपुर, अजमेर तथा श्रीगंगानगर में दर्ज मातृ मृत्यु के मामलों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने संबंधित चिकित्सकों के साथ उपचार व्यवस्था एवं प्रोटोकॉल पर चर्चा करते हुए आवश्यक सुधारात्मक निर्देश देते हुए गैप कम करने को कहा। अलवर सीएमएचओ ने बताया कि अलवर जिले के निजी निशु हॉस्पिटल में अनाधिकृत व्यक्ति द्वारा प्रसूता की डिलेवरी कराने के मामले में अस्पताल का पंजीकरण निरस्त कर दिया गया है। साथ ही अस्पताल के संचालक चिकित्सक का आरएमसी रजिस्ट्रेशन तथा नर्सिंगकर्मियों का आरएनसी निरस्त के लिए लिखा गया है। प्रमुख शासन सचिव ने प्रदेश में संचालित राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत स्कूलों में 18 वर्ष तक के बच्चों में जन्मजात विकृतियां, बच्चों के विकास में बाधक बनने वाली बीमारियां आदि की स्क्रीनिंग कार्य में गति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक दिन आरबीएसके कार्यक्रम के तहत संचालित टीम स्कूलों में जाकर आवश्यक स्वास्थ्य जांच करेगी एवं आवश्यकता होने पर रेफरल कार्ड बनाने, फालोअप के साथ ही पीड़ित बच्चे का निःशुल्क उपचार सुनिश्चित करेगी। इसके लिए उन्होंने दैनिक रूप से निदेशालय स्तर पर रिपोर्ट भेजने के भी निर्देश दिए। श्रीमती राठौड़ ने बारिश के मौसम को देखते हुए मौसमी बीमारियां मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया, स्क्रबटाइफस आदि से बचाव एवं रोकथाम के लिए सेम्पलिंग एवं सर्विलॉन्स गतिविधियां बढ़ाने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने अस्पतालों में दवाई एवं चिकित्सकीय उपकरणों के सुरक्षित रख-रखाव पर भी विशेष बल दिया। उन्होंने अस्पतालों में असुरक्षित या जर्जर कमरों को उपयोग में नहीं लेने के भी निर्देश दिए। बैठक में चिकित्सा शिक्षा आयुक्त श्री बाबूलाल गोयल, अतिरिक्त मिशन निदेशक एनएचएम डॉ. टी. शुभमंगला, निदेशक जनस्वास्थ्य डॉ. नरोत्तम शर्मा, निदेशक आरसीएच डॉ. मधु रतेश्वर सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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