न्यूजीलैंड पहुंची टीम इंडिया, 22 अक्टूबर से टी20 सीरीज का रोमांच
क्राइस्टचर्च। न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी सीरीज के लिए भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम का पहला जत्था क्राइस्टचर्च पहुंच गया है। इसके साथ ही टीम इंडिया के छह सप्ताह के लंबे दौरे की शुरुआत हो गई है। भारतीय टीम इस दौरे पर तीनों फॉर्मेट में मुकाबले खेलेगी। कार्यक्रम की शुरुआत टी20 इंटरनेशनल सीरीज से होगी, जिसका पहला मैच 22 अक्टूबर को खेला जाना है।
न्यूजीलैंड क्रिकेट ने भारतीय दल के क्राइस्टचर्च एयरपोर्ट पहुंचने की तस्वीरें साझा की हैं। इनमें मुख्य कोच गौतम गंभीर, भुवनेश्वर कुमार, नीतीश कुमार रेड्डी, वरुण चक्रवर्ती, नमन धीर और वैभव सूर्यवंशी सहित टीम के सदस्य नजर आए। तेज गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्केल और सपोर्ट स्टाफ के सदस्य भी इस दल का हिस्सा हैं।
टी20 के बाद वनडे और टेस्ट की चुनौती
भारत और न्यूजीलैंड के बीच टी20 इंटरनेशनल सीरीज 22 अक्टूबर से 1 नवंबर तक प्रस्तावित है। इसके मुकाबले क्राइस्टचर्च, वेलिंगटन, ऑकलैंड और हैमिल्टन में खेले जाएंगे। इसके बाद 4 से 15 नवंबर तक पांच मैचों की वनडे सीरीज होगी। दौरे का समापन दो टेस्ट मैचों से होगा। पहला टेस्ट 19 से 23 नवंबर तक वेलिंगटन में और दूसरा 27 नवंबर से 1 दिसंबर तक क्राइस्टचर्च में खेला जाएगा।
यह दौरा भारतीय टीम के लिए सिर्फ द्विपक्षीय मुकाबलों तक सीमित नहीं है। वनडे सीरीज के जरिए टीम को 2027 में होने वाले आईसीसी पुरुष क्रिकेट विश्व कप की तैयारियों को परखने का मौका मिलेगा। वहीं, टेस्ट मैच विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल की दौड़ में भारत की स्थिति मजबूत करने के लिहाज से महत्वपूर्ण होंगे।
कप्तानी और नए खिलाड़ियों पर भी नजर
दौरे के लिए भारतीय टीम में कप्तानी की जिम्मेदारियां अलग-अलग खिलाड़ियों को सौंपी गई हैं। शुभमन गिल टेस्ट टीम और शुरुआती तीन वनडे मैचों में कप्तानी करेंगे। श्रेयस अय्यर टी20 इंटरनेशनल टीम की अगुवाई करेंगे और अंतिम दो वनडे मैचों में भी कप्तान की भूमिका निभाएंगे।
टीम चयन में युवा खिलाड़ियों को भी अवसर दिया गया है। विकेटकीपर-बल्लेबाज कुमार कुशाग्र और तेज गेंदबाज यश ठाकुर को पहली बार वनडे टीम में जगह मिली है। दोनों अंतिम दो वनडे मुकाबलों के लिए उपलब्ध रहेंगे। इसके अलावा आकाश दीप और अंशुल कंबोज की टेस्ट टीम में वापसी हुई है।
भारतीय टीम के लिए न्यूजीलैंड की परिस्थितियों में प्रदर्शन करना एक बड़ी चुनौती होगी। ऐसे में खिलाड़ियों के पास अपनी क्षमता साबित करने के साथ आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए लय हासिल करने का भी मौका रहेगा।