टीम इंडिया को मिला नया स्पिन गुरु, साईराज बहुतुले को बड़ी जिम्मेदारी
मुंबई। भारतीय क्रिकेट में एक अहम नियुक्ति करते हुए बीसीसीआई ने पूर्व ऑलराउंडर साईराज बहुतुले को सीनियर पुरुष क्रिकेट टीम का नया स्पिन बॉलिंग कोच नियुक्त किया है। लंबे समय से कोचिंग और खिलाड़ी विकास के क्षेत्र में सक्रिय बहुतुले अब भारतीय टीम के स्पिन आक्रमण को और मजबूत बनाने की जिम्मेदारी संभालेंगे।
बीसीसीआई ने आधिकारिक बयान जारी कर उनकी नियुक्ति की जानकारी दी। बोर्ड का मानना है कि घरेलू क्रिकेट, आईपीएल और राष्ट्रीय स्तर पर कोचिंग का उनका व्यापक अनुभव टीम इंडिया के युवा और अनुभवी स्पिनरों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगा।
नई जिम्मेदारी मिलने पर साईराज बहुतुले ने खुशी जताते हुए कहा कि भारतीय टीम के साथ कोच के रूप में जुड़ना उनके लिए गर्व और सम्मान की बात है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ी के रूप में देश का प्रतिनिधित्व करना उनके करियर का यादगार अनुभव रहा है और अब कोचिंग के जरिए भारतीय क्रिकेट को योगदान देने का अवसर मिलना बेहद खास है।
बहुतुले का घरेलू क्रिकेट करियर भी काफी शानदार रहा है। उन्होंने 188 प्रथम श्रेणी मुकाबलों में 6,000 से अधिक रन बनाने के साथ 630 विकेट भी अपने नाम किए। एक ऑलराउंडर के रूप में उनका प्रदर्शन लगातार प्रभावशाली रहा और उन्होंने कई बार अपनी टीमों को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उन्होंने भारत के लिए दो टेस्ट और आठ एकदिवसीय मैच खेले। हालांकि उनका अंतरराष्ट्रीय करियर लंबा नहीं रहा, लेकिन घरेलू क्रिकेट में उनकी उपलब्धियां उन्हें भारतीय क्रिकेट के सफल खिलाड़ियों में शामिल करती हैं।
कोचिंग करियर में भी बहुतुले ने अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने विदर्भ, केरल, गुजरात और बंगाल जैसी घरेलू टीमों के मुख्य कोच के रूप में काम किया। इसके अलावा आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स और पंजाब किंग्स के साथ भी स्पिन बॉलिंग कोच की भूमिका निभा चुके हैं।
साईराज बहुतुले ने इंडिया 'ए' टीम और सीनियर राष्ट्रीय टीम के साथ विशेषज्ञ गेंदबाजी कोच के रूप में भी काम किया है। वर्ष 2021 से 2024 तक वह बीसीसीआई की नेशनल क्रिकेट एकेडमी, जिसे अब सेंटर ऑफ एक्सीलेंस कहा जाता है, के कोचिंग स्टाफ का अहम हिस्सा रहे। इस दौरान उन्होंने कई युवा खिलाड़ियों को निखारने और उन्हें उच्च स्तर के क्रिकेट के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
भारतीय क्रिकेट में स्पिन गेंदबाजी हमेशा से टीम की सबसे बड़ी ताकत रही है। ऐसे में बहुतुले की नियुक्ति को भविष्य के स्पिनरों को तैयार करने और टीम की इस परंपरा को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।