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सूर्यवंशी-सैमसन की टक्कर से टीम इंडिया को फायदा, रॉबिन सिंह ने बताई वजह

सूर्यवंशी-सैमसन की टक्कर से टीम इंडिया को फायदा, रॉबिन सिंह ने बताई वजह

नई दिल्ली। भारतीय टी20 टीम में ओपनिंग के विकल्पों को लेकर जारी चर्चा के बीच पूर्व भारतीय क्रिकेटर रॉबिन सिंह ने वैभव सूर्यवंशी और संजू सैमसन के बीच प्रतिस्पर्धा को टीम के लिए फायदेमंद बताया है। उनका मानना है कि जब कई खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हों, तो टीम में जगह बनाने के लिए मुकाबला होना स्वाभाविक है। इससे खिलाड़ियों को अपनी क्षमता साबित करने और लगातार बेहतर खेलने की प्रेरणा मिलती है।

इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) और अंडर-19 क्रिकेट में अपनी प्रतिभा दिखाने वाले वैभव सूर्यवंशी ने सीनियर भारतीय टीम में भी जगह बनाई है। अब सवाल यह है कि टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में अभिषेक शर्मा के साथ ओपनिंग की जिम्मेदारी वैभव को मिलेगी या संजू सैमसन को। दोनों खिलाड़ियों के प्रदर्शन को देखते हुए टीम प्रबंधन के सामने विकल्प चुनने की चुनौती है।

रॉबिन सिंह ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि किसी युवा खिलाड़ी को केवल एक-दो मैच खिलाकर बाहर बैठा देना सही नहीं है। उसे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के माहौल को समझने और अपनी क्षमता दिखाने के लिए पर्याप्त अवसर मिलने चाहिए। उन्होंने वैभव की प्रतिभा की तारीफ करते हुए कहा कि अगर उसे कुछ समय इंतजार करना पड़े, तो इसमें कोई बुराई नहीं है, क्योंकि दूसरे खिलाड़ियों ने भी अच्छा प्रदर्शन किया है।

उनके मुताबिक, टीम में प्रतिस्पर्धा का बने रहना जरूरी है। इससे खिलाड़ियों को पता रहता है कि उन्हें अपनी जगह बनाए रखने के लिए लगातार अच्छा खेलना होगा। यह दबाव नकारात्मक होने के बजाय प्रदर्शन में सुधार का कारण बन सकता है।

वैभव को मौके का इंतजार, सैमसन भी शानदार फॉर्म में

वैभव सूर्यवंशी ने 4 जुलाई 2026 को इंग्लैंड के खिलाफ टी20 मुकाबले से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इसके बाद भारतीय टीम के 18 मैचों में से उन्हें आठ मैचों में खेलने का अवसर मिला। कम उम्र में मिली इस उपलब्धि के बाद उनके प्रदर्शन और टीम में भूमिका को लेकर लगातार चर्चा हो रही है।

दूसरी ओर, संजू सैमसन ने भी अपने प्रदर्शन से दावेदारी मजबूत की है। टी20 विश्व कप 2026 में उनके शानदार खेल के बाद अफगानिस्तान के खिलाफ टी20 सीरीज में दो अर्धशतक भी चर्चा में रहे। इसके अलावा, वेस्टइंडीज के खिलाफ रांची में खेले गए टी20 मुकाबले में उन्होंने 82 रन की पारी खेलकर अपनी बल्लेबाजी क्षमता का प्रदर्शन किया।

ऐसे में चयनकर्ताओं के सामने केवल युवा खिलाड़ी को मौका देने का सवाल नहीं है, बल्कि मौजूदा प्रदर्शन और टीम की जरूरतों के बीच संतुलन बनाने की चुनौती भी है। सूर्यवंशी की आक्रामक बल्लेबाजी और सैमसन का अनुभव दोनों टीम के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं।

प्लेइंग इलेवन में संतुलन भी अहम

एशियन गेम्स के दौरान भारत ने वैभव सूर्यवंशी और संजू सैमसन दोनों को टीम में शामिल किया था। हालांकि, उस समय परिस्थितियों और टीम संयोजन को ध्यान में रखते हुए प्लेइंग इलेवन में स्पिन गेंदबाजी करने वाले ऑलराउंडरों को अधिक महत्व दिया गया था। स्पिनरों के लिए मददगार पिचों पर टीम का संयोजन अलग हो सकता है, जबकि तेज गेंदबाजों की जरूरत बढ़ने पर बल्लेबाजी क्रम और खिलाड़ियों के चयन में भी बदलाव करना पड़ सकता है।

यही वजह है कि अभिषेक शर्मा के साथ ओपनिंग के लिए सूर्यवंशी और सैमसन में से किसी एक को चुनने का फैसला केवल व्यक्तिगत प्रदर्शन पर निर्भर नहीं करेगा। टीम की रणनीति, पिच की स्थिति और संतुलित प्लेइंग इलेवन भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

रॉबिन सिंह की राय से साफ है कि भारतीय टीम में जगह के लिए स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को सकारात्मक रूप में देखा जाना चाहिए। युवा सूर्यवंशी के लिए यह अनुभव हासिल करने का मौका है, जबकि सैमसन जैसे अनुभवी खिलाड़ी के लिए निरंतर अच्छा प्रदर्शन अपनी दावेदारी मजबूत रखने का रास्ता है। अब देखना होगा कि आगामी टी20 मुकाबलों में टीम प्रबंधन दोनों खिलाड़ियों को किस तरह इस्तेमाल करता है।

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