विपक्ष के हंगामे के बीच पीएम मोदी से मिले शरद पवार, बढ़ीं सियासी अटकलें
नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के दौरान एक ओर विपक्षी दल केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे, वहीं दूसरी ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के प्रमुख शरद पवार की मुलाकात ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया। इस बैठक में लोकसभा सांसद सुप्रिया सुले भी मौजूद रहीं।
प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर इस मुलाकात की जानकारी साझा की गई। सामने आई तस्वीरों में प्रधानमंत्री मोदी और शरद पवार गर्मजोशी से बातचीत करते दिखाई दिए। एक तस्वीर में प्रधानमंत्री स्वयं दरवाजे पर पहुंचकर शरद पवार का स्वागत करते नजर आए। बैठक के दौरान शरद पवार ने प्रधानमंत्री को एक ज्ञापन भी सौंपा।
इस मुलाकात का समय इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि केंद्र सरकार संसद में परिसीमन विधेयक को आगे बढ़ाने की तैयारी में है। ऐसे में संसद के भीतर संख्या बल के लिहाज से विभिन्न दलों का समर्थन अहम माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों की नजर एनसीपी (शरद पवार गुट) के रुख पर भी बनी हुई है।
हाल ही में सुप्रिया सुले ने संकेत दिए थे कि यदि सरकार पूरे देश में 50 प्रतिशत सीटों की समान बढ़ोतरी का लिखित आश्वासन देती है, तो उनकी पार्टी परिसीमन से जुड़े प्रस्ताव पर चर्चा के लिए तैयार हो सकती है। इस बयान के बाद से पार्टी के रुख को लेकर राजनीतिक चर्चाएं और तेज हो गई हैं।
इसी बीच शरद पवार गुट के भविष्य को लेकर भी कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। राजनीतिक हलकों में यह चर्चा है कि पार्टी के कुछ नेताओं के एनडीए में शामिल होने की संभावना पर भी विचार हो रहा है। हालांकि, सूत्रों के मुताबिक भाजपा का रुख यह है कि किसी भी संभावित राजनीतिक साझेदारी से पहले एनसीपी के दोनों गुटों के बीच एकजुटता जरूरी होगी।
फिलहाल इस मुलाकात को लेकर दोनों पक्षों की ओर से विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। लेकिन विपक्ष के प्रदर्शन के बीच हुई यह बैठक आने वाले दिनों में राजनीतिक समीकरणों पर असर डाल सकती है।