राजनाथ सिंह का बड़ा संदेश : मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर ही तय करेगा भारत का भविष्य
नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि किसी भी देश की प्रगति उसकी मजबूत आधारभूत संरचना पर निर्भर करती है। उनका कहना था कि जिस देश का इंफ्रास्ट्रक्चर जितना सशक्त होगा, उसका भविष्य भी उतना ही सुरक्षित और मजबूत होगा। उन्होंने यह बात नई दिल्ली में आयोजित बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन (बीआरओ) की तकनीकी संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कही।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल सड़कें बनाना नहीं, बल्कि देश के हर नागरिक के मन में यह भरोसा पैदा करना है कि अब भारत का कोई भी इलाका दूर या अलग-थलग नहीं है। सड़क, रेल, हवाई मार्ग और डिजिटल कनेक्टिविटी के विस्तार के साथ सीमावर्ती क्षेत्रों को भी तेजी से विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है।
राजनाथ सिंह ने बताया कि वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत सीमावर्ती गांवों को अब "अंतिम गांव" नहीं बल्कि "प्रथम गांव" के रूप में विकसित किया जा रहा है। उनका कहना था कि सरकार चाहती है कि देश का कोई भी नागरिक खुद को मुख्यधारा से अलग महसूस न करे और इस लक्ष्य को हासिल करने में बीआरओ की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
रक्षा मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा और विकास एक-दूसरे के पूरक हैं। सीमाएं केवल सुरक्षित ही नहीं, बल्कि बेहतर ढंग से जुड़ी हुई भी होनी चाहिए। उन्होंने भरोसा जताया कि बीआरओ आने वाले समय में भी इसी सोच के साथ देश के विकास और सुरक्षा को नई मजबूती देता रहेगा।
उन्होंने इंजीनियरों से अपील की कि वे हर बार नई शुरुआत करने के बजाय अपने पूर्ववर्तियों के अनुभवों और सफलताओं से सीखें। इस ज्ञान को प्रशिक्षण संस्थानों तक पहुंचाने की जरूरत है, ताकि नए इंजीनियर और शोधकर्ता बेहतर तकनीक और नवाचार के साथ आगे बढ़ सकें।
राजनाथ सिंह ने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण केवल सरकार का दायित्व नहीं है, बल्कि इसमें उद्योग, शिक्षा जगत, शोध संस्थानों, इंजीनियरों और प्रशासन की साझा भागीदारी जरूरी है। सभी हितधारकों के सामूहिक प्रयास से ही उत्कृष्टता को बढ़ावा देने वाला मजबूत तंत्र तैयार किया जा सकता है।
उन्होंने बीआरओ के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि यह संगठन दुर्गम और सीमावर्ती इलाकों में सड़क, सुरंग और एयरफील्ड जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं का निर्माण कर रहा है। बदलती युद्ध रणनीतियों के बावजूद सड़क, पोर्ट, एयरफील्ड और सुरंग जैसी बुनियादी संरचनाओं का महत्व कभी कम नहीं होगा।
रक्षा मंत्री ने कहा कि कई बार युद्ध का पहला मोर्चा सीमा पर नहीं, बल्कि उस सड़क पर तैयार होता है, जो सैनिकों को समय पर सीमा तक पहुंचाती है। इसलिए इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण करने वाले भी देश की सुरक्षा में उतनी ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जितनी सीमा पर तैनात सुरक्षा बल।