राजनाथ सिंह ने ‘शौर्य विजय यात्रा’ को दिखाई हरी झंडी, कारगिल वीरों को किया नमन
नई दिल्ली : कारगिल विजय दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की शुरुआत करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को नेशनल वॉर मेमोरियल से ‘शौर्य विजय यात्रा’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर उन्होंने कारगिल युद्ध के वीर जवानों के अदम्य साहस, बलिदान और राष्ट्र के प्रति समर्पण को श्रद्धापूर्वक याद किया।
रक्षा मंत्री ने कहा कि वर्ष 1999 का ऑपरेशन विजय केवल एक सैन्य अभियान नहीं था, बल्कि यह भारतीय सैनिकों के साहस, धैर्य, अनुशासन और अटूट देशभक्ति का ऐसा अध्याय है, जो आने वाली पीढ़ियों को लगातार प्रेरित करता रहेगा। उन्होंने कहा कि देश के सम्मान और अखंडता की रक्षा के लिए सैनिकों ने अपने प्राणों की आहुति देकर इतिहास रचा।
राजनाथ सिंह ने यात्रा के आदर्श वाक्य ‘एक राइड, एक राष्ट्र, एक सलाम’ की सराहना करते हुए कहा कि यह अभियान राष्ट्रीय एकता और सशस्त्र बलों के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करता है। उनके अनुसार ‘शौर्य विजय यात्रा’ केवल एक बाइक रैली नहीं, बल्कि शहीदों के बलिदान को याद करने और देशवासियों को उनसे जोड़ने का एक सशक्त माध्यम है।
उन्होंने कारगिल युद्ध की कठिन परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय सैनिकों ने लगभग 20 हजार फीट की ऊंचाई, बेहद कम ऑक्सीजन और माइनस 40 डिग्री तक के तापमान में भी अद्भुत साहस का परिचय दिया। उन्होंने कहा कि जहां प्राकृतिक परिस्थितियां भी चुनौती बन गई थीं, वहां भारतीय सेना ने अपने पराक्रम से विजय हासिल कर नया इतिहास रच दिया।
यह ‘शौर्य विजय यात्रा’ 13 दिनों में करीब 1,900 किलोमीटर का सफर तय करेगी। यात्रा दिल्ली के नेशनल वॉर मेमोरियल से शुरू होकर चंडीमंदिर, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और लद्दाख के रास्ते 26 जुलाई को कारगिल वॉर मेमोरियल पहुंचेगी, जहां कारगिल विजय दिवस के अवसर पर इसका समापन होगा।
रक्षा मंत्री ने विश्वास जताया कि यह अभियान देश के युवाओं में राष्ट्रभक्ति की भावना को और मजबूत करेगा तथा कारगिल के शहीदों के अद्वितीय बलिदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। कार्यक्रम में सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ सहित कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।