NEET विवाद के बीच बुझा डॉक्टर बनने का सपना, राहुल गांधी का सरकार पर हमला
नई दिल्ली : नीट-यूजी 2026 परीक्षा से जुड़े पेपर लीक विवाद के बीच मध्य प्रदेश की 18 वर्षीय छात्रा आकांक्षा की आत्महत्या का मामला राजनीतिक और सामाजिक बहस का विषय बन गया है। इस घटना को लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला और कहा कि परीक्षा घोटालों ने युवाओं के सपनों को तोड़ने का काम किया है।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि एक और युवा जीवन शिक्षा व्यवस्था की खामियों की भेंट चढ़ गया। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कई वर्षों में शिक्षा प्रणाली कमजोर हुई है और इसकी सबसे बड़ी कीमत देश के छात्र चुका रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, मऊगंज जिले की रहने वाली आकांक्षा डॉक्टर बनने का सपना देख रही थी और नागपुर में रहकर नीट परीक्षा की तैयारी कर रही थी। उसके पिता कृष्ण कुमार चतुर्वेदी, जो एक छोटे किसान हैं, ने बेटी की पढ़ाई और कोचिंग के लिए किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए करीब तीन लाख रुपये का ऋण लिया था। परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों को संभालने के लिए वे नागपुर में रसोइए के रूप में भी काम कर रहे थे।
बताया जा रहा है कि 5 मई को आयोजित नीट-यूजी परीक्षा के बाद पेपर लीक की खबरें सामने आईं। इसके बाद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने परीक्षा रद्द कर दोबारा आयोजन की घोषणा की। परीक्षा दोबारा होने की अनिश्चितता और लगातार बढ़ते दबाव ने आकांक्षा को मानसिक रूप से प्रभावित किया।
आत्महत्या से पहले लिखे गए कथित सुसाइड नोट में छात्रा ने अपने माता-पिता से माफी मांगते हुए लिखा कि उसके भीतर दोबारा नीट परीक्षा देने का साहस नहीं बचा है। इस भावुक संदेश ने पूरे मामले को और अधिक संवेदनशील बना दिया है।
उधर, नीट-यूजी 2026 में पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं के आरोपों की जांच जारी है। मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) कर रही है और अब तक कई लोगों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है। विपक्ष लगातार परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और छात्रों के भविष्य को लेकर सवाल उठा रहा है।