प्रियंका चोपड़ा ने परिवार संग मनाया दशहरा, बेटी मालती का हुआ कन्या पूजन
मुंबई। अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा जोनस ने इस बार दशहरे का त्योहार अपने परिवार के साथ धार्मिक परंपराओं के बीच मनाया। प्रियंका ने सोशल मीडिया पर पूजा की तस्वीरें साझा कीं, जिनमें उनके पति और सिंगर निक जोनस भी अनुष्ठान में शामिल दिखाई दिए। परिवार ने घर के मंदिर में पूजा की, जिसे फूलों और धार्मिक मूर्तियों से सजाया गया था।
इन तस्वीरों में सबसे ज्यादा ध्यान प्रियंका और निक की बेटी मालती मैरी चोपड़ा जोनस ने खींचा। नन्ही मालती सफेद पारंपरिक पोशाक, छोटी-छोटी चूड़ियों और ‘जय माता दी’ लिखे लाल दुपट्टे में नजर आईं। कन्या पूजन के दौरान प्रियंका और निक अपनी बेटी के पैर धोते हुए दिखाई दिए। एक तस्वीर में निक मालती के पास बैठकर पूजा में हिस्सा लेते नजर आए, जबकि दूसरी तस्वीर में पूरा परिवार मंदिर के सामने मौजूद था।
प्रियंका ने तस्वीरों के साथ मां दुर्गा का स्मरण करते हुए संदेश भी लिखा। उन्होंने कामना की कि मां दुर्गा की शक्ति, प्रार्थनाओं की पवित्रता और दशहरे की भावना सभी के जीवन में आज, कल और हमेशा बनी रहे।
बेटी को भारतीय परंपराओं से जोड़ रही हैं प्रियंका
प्रियंका पहले भी कई मौकों पर अपनी बेटी को भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं से परिचित कराती नजर आई हैं। इस साल अगस्त में उन्होंने एक वीडियो साझा किया था, जिसमें वह मालती को दुर्गा सप्तशती का एक श्लोक सिखा रही थीं। वीडियो में मालती अपनी मां के पीछे-पीछे संस्कृत प्रार्थना दोहराने की कोशिश करती दिखाई दीं।
प्रियंका और निक ने जनवरी 2022 में सरोगेसी के जरिए अपनी बेटी का स्वागत किया था। मालती का जन्म समय से पहले हुआ था और उन्हें करीब 110 दिन तक नवजात गहन चिकित्सा इकाई (एनआईसीयू) में रहना पड़ा था। इस दौरान परिवार के लिए समय भावनात्मक रूप से चुनौतीपूर्ण रहा।
एक पुराने इंटरव्यू में प्रियंका ने बताया था कि वह और निक बारी-बारी से अस्पताल में अपनी बेटी के पास रहते थे। निक गिटार बजाकर मालती के लिए गाने गाते थे, जबकि प्रियंका उसके पालने के पास महामृत्युंजय मंत्र, गायत्री मंत्र और ‘ओम नमः शिवाय’ जैसे मंत्र बजाती थीं।
प्रियंका की दशहरा पूजा की तस्वीरों में जहां धार्मिक आस्था की झलक दिखी, वहीं परिवार के साथ बिताए इन पलों ने भी लोगों का ध्यान खींचा। त्योहार के इस आयोजन के जरिए अभिनेत्री ने अपनी बेटी के जीवन में भारतीय रीति-रिवाजों और पारिवारिक परंपराओं की मौजूदगी को भी सामने रखा।