पीएम मोदी ने शेयर किया मां दुर्गा का भजन, भक्तों के लिए की खास कामना
नई दिल्ली: नवरात्र के अंतिम दिन मां सिद्धिदात्री की आराधना के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देवी दुर्गा की स्तुति से जुड़ा भजन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किया। इस पोस्ट के जरिए उन्होंने देवी के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की और सभी के जीवन में खुशहाली, उन्नति और सफलता की कामना की। भजन के साथ प्रधानमंत्री ने देवी की महिमा और उनकी कृपा का संदेश भी लोगों तक पहुंचाया।
प्रधानमंत्री ने देवी वंदना 'नारायणी नमस्तुते' का यूट्यूब लिंक साझा किया। इस स्तुति में वीरेंद्रकृष्ण भद्र की आवाज में मां दुर्गा की महिमा का वर्णन किया गया है। धार्मिक आस्था से जुड़े इस भजन के माध्यम से भक्त देवी के विभिन्न स्वरूपों का स्मरण कर सकते हैं।
इससे पहले पीएम मोदी ने संस्कृत का एक श्लोक भी साझा किया था, जिसमें देवी दुर्गा का भक्तिपूर्वक स्मरण करने वालों की उन्नति और संकटों से रक्षा की बात कही गई है। यह श्लोक श्रीदेवीकवचम् का आठवां श्लोक है। इसका भावार्थ है कि जो लोग सच्चे मन से देवी का ध्यान करते हैं, उनकी प्रगति होती है और मां उनकी रक्षा करती हैं।
मां सिद्धिदात्री की पूजा का क्या है महत्व?
नवरात्र के नौवें दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, उनके नाम में 'सिद्धि' का अर्थ पूर्णता या विशेष सामर्थ्य और 'दात्री' का अर्थ प्रदान करने वाली है। माना जाता है कि देवी अपने भक्तों को अणिमा, महिमा, गरिमा, लघिमा, प्राप्ति, प्राकाम्य, ईशित्व और वशित्व सहित आठ सिद्धियां प्रदान करती हैं।
मां सिद्धिदात्री का वाहन सिंह माना गया है। उनकी चार भुजाओं में गदा, चक्र, कमल और शंख सुशोभित रहते हैं। देवी का यह स्वरूप शक्ति, आध्यात्मिक ज्ञान और सिद्धि का प्रतीक माना जाता है। नवरात्र के इस विशेष दिन मंदिरों में पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों के जरिए भक्त मां का आशीर्वाद मांगते हैं।
भगवान शिव से भी जुड़ी है मां सिद्धिदात्री की मान्यता
पौराणिक कथाओं के अनुसार, मां सिद्धिदात्री की कृपा से भगवान शिव को अनेक सिद्धियां प्राप्त हुई थीं। मान्यता है कि देवी की शक्ति के प्रकट होने से शिव का आधा स्वरूप स्त्री रूप में अभिव्यक्त हुआ, जिसके बाद वे अर्धनारीश्वर कहलाए।
अर्धनारीश्वर स्वरूप शिव और शक्ति की एकता को दर्शाता है। इसे सृष्टि में स्त्री और पुरुष ऊर्जा के संतुलन का प्रतीक भी माना जाता है। मां सिद्धिदात्री की पूजा इसी आध्यात्मिक विश्वास के साथ की जाती है कि उनकी कृपा से जीवन में ज्ञान, सामर्थ्य और सकारात्मकता का संचार होता है।