विश्व पर्यावरण दिवस पर पीएम मोदी का संदेश, ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान की सराहना
नई दिल्ली। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए प्रकृति संरक्षण और सतत विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण की रक्षा केवल एक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर भविष्य सुनिश्चित करने का संकल्प भी है।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में भारत की समृद्ध जैव विविधता का उल्लेख करते हुए कहा कि देश के विविध पारिस्थितिक तंत्र लाखों लोगों की आजीविका और अनेक जीव-जंतुओं का आधार हैं। उन्होंने वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में हुए प्रयासों को भी महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
मोदी ने कहा कि ग्रेट इंडियन बस्टर्ड, हिम तेंदुआ, स्लॉथ बियर और चीतों जैसे वन्यजीवों के संरक्षण के लिए चलाए गए कार्यक्रमों ने सकारात्मक परिणाम दिए हैं। उनके अनुसार, लगातार प्रयास और दीर्घकालिक प्रतिबद्धता से प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र को पुनर्जीवित किया जा सकता है।
प्रधानमंत्री ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान की विशेष रूप से सराहना की। उन्होंने कहा कि इस पहल ने हर वर्ष बड़ी मात्रा में वन क्षेत्र बढ़ाने में योगदान दिया है और लोगों को प्रकृति से जोड़ने का प्रभावी माध्यम बना है। यह अभियान पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
एक अन्य संदेश में प्रधानमंत्री ने पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्य कर रहे लोगों की प्रशंसा करते हुए कहा कि बीते वर्षों में हरित आवरण बढ़ाने और वन्यजीवों की संख्या में वृद्धि जैसी उपलब्धियां भारत की पर्यावरणीय सोच को दर्शाती हैं। उन्होंने कहा कि विज्ञान, नवाचार, प्रभावी नीतियों और जनभागीदारी के बल पर देश ने उल्लेखनीय प्रगति हासिल की है।
प्रधानमंत्री ने ‘एक पृथ्वी, एक परिवार और एक भविष्य’ के सिद्धांत का उल्लेख करते हुए कहा कि मिशन लाइफ की भावना के साथ भारत स्वच्छ, हरित और टिकाऊ भविष्य की दिशा में लगातार आगे बढ़ता रहेगा। उनका मानना है कि पर्यावरण के प्रति जागरूक जीवनशैली ही वैश्विक चुनौतियों का स्थायी समाधान बन सकती है।
इसी अवसर पर केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी ने भी लोगों से पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि आज लिए गए फैसले ही भविष्य की पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और स्वस्थ दुनिया की नींव रखेंगे। उन्होंने सभी नागरिकों से हरित भारत और विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी की अपील की।