Dark Mode
पेट्रोल-डीजल फिर महंगा, आम आदमी पर बढ़ा बोझ

पेट्रोल-डीजल फिर महंगा, आम आदमी पर बढ़ा बोझ

 

  • पेट्रोल 3.14 रुपये और डीजल 3.11 रुपये प्रति लीटर महंगा
  • दिल्ली में सीएनजी की कीमत में भी 2 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी
  • कच्चे तेल की महंगाई और मध्य पूर्व संकट का असर

 

नई दिल्ली। देशभर में शुक्रवार से पेट्रोल और डीजल के नए रेट जारी किए गए। राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 3.14 रुपये प्रति लीटर बढ़ाकर 97.77 रुपये कर दी गई है, जबकि डीजल 3.11 रुपये महंगा होकर 90.67 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है। इस बीच, मध्य पूर्व संकट के चलते तेल कंपनियों ने सीएनजी की कीमतों में भी बढ़ोतरी की है। शुक्रवार से सीएनजी की कीमत में 2 रुपये प्रति किलोग्राम की वृद्धि हुई है। दिल्ली में सीएनजी की नई दर 79.09 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतों में लगातार तेजी बनी हुई है। इसका सीधा असर भारतीय तेल कंपनियों और आम उपभोक्ताओं पर पड़ा है। बढ़ती लागत और भारी नुकसान के बीच सरकारी तेल कंपनियों ने आखिरकार पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है।
सरकारी तेल कंपनियों इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम का कहना है कि महंगे क्रूड ऑयल की वजह से उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी पहले ही संकेत दे चुके थे कि तेल कंपनियों को रोजाना 1000 करोड़ रुपये से अधिक का घाटा हो रहा है। उनका कहना था कि यदि खुदरा कीमतों में बढ़ोतरी नहीं की गई तो एक तिमाही में कंपनियों का कुल नुकसान 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो सकता है। पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल के अनुसार, भारतीय बास्केट में कच्चे तेल की औसत कीमत पिछले तीन महीनों से 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी हुई है। अप्रैल 2026 में यह औसत 114 डॉलर प्रति बैरल रही, जबकि मई में भी कीमत करीब 104 डॉलर प्रति बैरल दर्ज की गई है।
वहीं, इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते रविवार को संकट के मद्देनजर विदेशी मुद्रा बचाने के लिए ईंधन के विवेकपूर्ण उपयोग, सोने की खरीद और विदेश यात्राओं को स्थगित करने जैसे उपाय अपनाने की अपील की थी। इस बीच रुपये में भारी गिरावट दर्ज की गई है और यह अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95 रुपये प्रति डॉलर के स्तर को पार कर गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में जारी अस्थिरता के चलते आने वाले दिनों में ईंधन की कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक्साइज ड्यूटी, वैट, डीलर कमीशन और अन्य शुल्क जुड़ने के कारण उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है। ऐसे में बढ़ती महंगाई के बीच ईंधन की कीमतों में इजाफा आम लोगों की जेब पर सीधा असर डालने वाला साबित होगा।

Comment / Reply From

You May Also Like

Newsletter

Subscribe to our mailing list to get the new updates!