भारत ए की कप्तानी पर पडिक्कल बोले- जिम्मेदारी लेना मुझे पसंद है
नई दिल्ली। युवा बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल को ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ होने वाले चार दिवसीय मुकाबले के लिए भारत ए टीम की कप्तानी की जिम्मेदारी दी गई है। पुडुचेरी में खेले जाने वाले इस मुकाबले से पहले पडिक्कल ने नेतृत्व की नई भूमिका को लेकर अपनी सोच साझा की है।
पडिक्कल का कहना है कि उन्हें जिम्मेदारी लेना पसंद है और कप्तानी उनके लिए दबाव से ज्यादा सीखने का अवसर है। कर्नाटक की कमान संभालने के दौरान मिले अनुभव को वह अब भारत ए के ड्रेसिंग रूम में इस्तेमाल करने के लिए तैयार हैं।
क्रिकइंफो के मुताबिक, पडिक्कल ने कहा कि भारत ए का कप्तान बनना उनके लिए शानदार मौका है। उन्होंने बताया कि पिछले सीजन में कर्नाटक का नेतृत्व करते हुए उन्हें काफी कुछ सीखने को मिला और अब उसी अनुभव को भारत ए के साथ आगे ले जाने को लेकर वह उत्साहित हैं।
पडिक्कल ने यह भी साफ किया कि कप्तान बनने के बाद उनका मुख्य लक्ष्य टीम की जीत ही रहेगा। उनके मुताबिक मैदान पर एक अतिरिक्त जिम्मेदारी जरूर आती है, लेकिन वह इसे अपने खेल का हिस्सा मानते हैं। वह हमेशा से चाहते रहे हैं कि टीम अच्छा प्रदर्शन करे और मुकाबला जीते।
दिलचस्प बात यह है कि पडिक्कल का मानना है कि कप्तानी का असर उनकी बल्लेबाजी पर भी सकारात्मक पड़ सकता है। उनका कहना है कि जब टीम को जीत दिलाने की जिम्मेदारी सामने होती है, तो इससे उनका ध्यान और बेहतर तरीके से केंद्रित रहता है।
पडिक्कल को यह जिम्मेदारी उनके रेड-बॉल क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन को देखते हुए भी मिली है। 2025-26 रणजी ट्रॉफी सीजन के दौरान उन्होंने कर्नाटक की कप्तानी संभाली थी। टूर्नामेंट के लीग चरण के अंतिम दौर में उन्हें टीम की कमान मिली और उन्होंने बल्ले के साथ-साथ गेंद से भी योगदान दिया।
हाल के प्रदर्शन की बात करें तो श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में पडिक्कल भारत के सबसे प्रभावी बल्लेबाजों में शामिल रहे। उन्होंने सीरीज में दो शतक लगाए और तीन पारियों में कुल 328 रन बनाए। ऐसे में भारत ए की कप्तानी उनके लिए अपनी नेतृत्व क्षमता के साथ-साथ रेड-बॉल क्रिकेट में निरंतरता दिखाने का भी अहम मौका होगी।
ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ होने वाला मुकाबला पडिक्कल के लिए बतौर कप्तान एक नई परीक्षा होगा। कर्नाटक के बाद भारत ए की जिम्मेदारी संभालते हुए अब उनके नेतृत्व कौशल और बल्लेबाजी, दोनों पर नजरें रहेंगी।