राजस्थान में 5वीं-8वीं में अब नहीं मिलेगा ऑटो पास, फेल भी होंगे छात्र
नई दिल्ली। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, अजमेर ने कक्षा 5वीं और 8वीं के छात्रों के लिए ऑटोमेटिक प्रमोशन सिस्टम को समाप्त करने का फैसला किया है। अब इन कक्षाओं में न्यूनतम अंक हासिल न करने वाले छात्रों को फेल माना जाएगा। अब तक यह व्यवस्था थी कि कम नंबर लाने के बावजूद छात्रों को अगली कक्षा में प्रमोट कर दिया जाता था। लेकिन इससे पढ़ाई के प्रति छात्रों की गंभीरता कम होती जा रही थी। इसी वजह से बोर्ड ने इस सिस्टम को खत्म करने का निर्णय लिया है।
पढ़ाई में लापरवाही बनी वजह
बोर्ड के अनुसार, ऑटो पास सिस्टम के कारण कई छात्र पढ़ाई को हल्के में लेने लगे थे। आगे की कक्षाओं में जाने पर उन्हें विषय समझने में परेशानी होती थी। इससे उनकी शैक्षणिक नींव कमजोर हो रही थी।
इस समस्या को दूर करने और छात्रों को मेहनत के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से यह फैसला लिया गया है।
फेल छात्रों को मिलेगा दूसरा मौका
राजस्थान बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि फेल होने वाले छात्रों को दोबारा मौका दिया जाएगा।
रिजल्ट जारी होने के 45 दिनों के भीतर विशेष परीक्षा आयोजित की जाएगी।
इस परीक्षा में शामिल होकर छात्र अपना साल खराब होने से बचा सकेंगे और अगली कक्षा में प्रवेश पा सकेंगे।
शिक्षा विभाग का उद्देश्य
शिक्षा विभाग का कहना है कि इस नियम का मुख्य लक्ष्य छात्रों को पढ़ाई के प्रति जिम्मेदार बनाना है।
इससे छात्रों की योग्यता बढ़ेगी और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा।
साथ ही, शिक्षकों की जिम्मेदारी भी बढ़ेगी और पढ़ाई की नियमित निगरानी संभव हो सकेगी।
अभिभावकों के लिए सलाह
बोर्ड के इस फैसले के बाद अभिभावकों को भी बच्चों की पढ़ाई पर अधिक ध्यान देने की जरूरत होगी। समय पर होमवर्क, नियमित पढ़ाई और परीक्षा की तैयारी से बच्चे बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे।
यह बदलाव लंबे समय में छात्रों के भविष्य को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभा सकता है।