UCC पर अभी फैसला नहीं, कानून की समीक्षा करेगी JD(U)
पटना। यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हालिया बयान के बाद बिहार में सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी बीच JD(U) प्रमुख नीतीश कुमार ने 18 सितंबर को पटना स्थित पार्टी कार्यालय में सांसदों, विधायकों और विधान परिषद सदस्यों की बैठक बुलाई है। बैठक में UCC समेत कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों पर पार्टी की रणनीति पर चर्चा हो सकती है।
अमित शाह ने 13 सितंबर को मुंबई में कहा था कि 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले BJP-NDA शासित सभी 21 राज्यों में UCC लागू किया जाएगा। इस बयान के बाद NDA के भीतर भी इस मुद्दे पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। JD(U) ने फिलहाल कानून के प्रावधानों को देखे बिना कोई अंतिम रुख तय नहीं किया है।
पहले कानून देखेगी पार्टी
बिहार के उपमुख्यमंत्री और JD(U) के वरिष्ठ नेता विजय कुमार चौधरी ने स्पष्ट किया है कि पार्टी UCC के प्रस्तावित कानून का अध्ययन करने के बाद ही अपनी स्थिति तय करेगी। उनका कहना है कि फिलहाल कानून के विस्तृत प्रावधान सामने नहीं हैं, इसलिए जल्दबाजी में कोई निष्कर्ष निकालने की जरूरत नहीं है।
चौधरी के मुताबिक, यदि कानून के प्रावधानों में कोई आपत्ति वाली बात नहीं मिलती है तो केवल विरोध के लिए विरोध करने का सवाल नहीं है। वहीं, अगर किसी प्रावधान को लेकर चिंता सामने आती है तो उसे केंद्रीय गृह मंत्री के सामने रखा जाएगा। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि इस विषय पर NDA के सहयोगी दलों के साथ विचार-विमर्श किया जाएगा।
अमित शाह से बातचीत की तैयारी
JD(U) के नेशनल वर्किंग प्रेसिडेंट संजय कुमार झा भी UCC के मुद्दे पर अमित शाह से बातचीत कर सकते हैं। इससे पहले पार्टी की ओर से केंद्र के साथ इस विषय पर चर्चा की जरूरत जताई गई थी।
रिपोर्टों के अनुसार, JD(U) की ओर से UCC को लेकर व्यापक विचार-विमर्श और संबंधित पक्षों से बातचीत की बात कही गई है। पार्टी के भीतर इस मुद्दे पर अलग-अलग बयान भी सामने आए हैं, इसलिए 18 सितंबर की बैठक को आगे की रणनीति तय करने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
फरक्का जल संधि भी एजेंडे में
18 सितंबर की बैठक में UCC के अलावा फरक्का जल संधि से जुड़े विषय पर भी चर्चा होने की संभावना है। हालांकि बैठक के विस्तृत एजेंडे को लेकर उपलब्ध रिपोर्टों में अंतिम पुष्टि सीमित है। ऐसे में पार्टी की बैठक के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि किन मुद्दों पर औपचारिक रूप से चर्चा हुई और क्या निर्णय लिए गए।
JD(U) बिहार में BJP के साथ NDA सरकार का हिस्सा है और लोकसभा में उसके 12 सांसद हैं। ऐसे में केंद्र के स्तर पर प्रस्तावित किसी बड़े नीतिगत बदलाव पर पार्टी का रुख गठबंधन की राजनीति के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण है।
UCC को लेकर क्या है मौजूदा स्थिति?
UCC का उद्देश्य विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और गोद लेने जैसे व्यक्तिगत कानूनों से जुड़े मामलों में नागरिकों के लिए समान कानूनी व्यवस्था लागू करना है। अमित शाह ने कहा है कि NDA शासित 21 राज्यों में 2029 से पहले UCC लागू किया जाएगा। वहीं JD(U) ने अभी प्रस्तावित कानून के वास्तविक प्रावधानों का अध्ययन करने के बाद ही अपनी स्थिति तय करने की बात कही है।
इसलिए फिलहाल पार्टी की आधिकारिक स्थिति को अंतिम समर्थन या विरोध के रूप में पेश करने के बजाय इतना स्पष्ट है कि JD(U) पहले कानून की बारीकियों की समीक्षा करना चाहती है। 18 सितंबर की बैठक और उसके बाद होने वाली चर्चाओं से पार्टी के अगले कदम की तस्वीर साफ हो सकती है।